Delhi: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे के बाद राजधानी में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ एमसीडी का एक्शन तेज हो गया है। दिल्ली नगर निगम ने पिछले दो दिनों में राजधानी के अलग-अलग इलाकों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 34 ध्वस्तीकरण कार्रवाई की और 17 संपत्तियों को सील किया है। एमसीडी की यह कार्रवाई दिल्ली के सभी 12 जोन में की जा रही है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्ती
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही पांच मंजिला इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद दिल्ली सरकार और एमसीडी ने अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। अब राजधानी में ऐसी इमारतों की पहचान कर उन्हें हटाने और सील करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

1200 से ज्यादा PG इमारतें जांच के दायरे में
एमसीडी ने दिल्ली में करीब 1,243 PG इमारतों की पहचान की है। इन इमारतों में करीब 24 हजार लोग रह रहे हैं। निगम इनका डेटाबेस तैयार करने के साथ-साथ यह भी जांच कर रहा है कि इमारतें संरचनात्मक रूप से सुरक्षित हैं या नहीं। जांच में इमारतों को उनकी स्थिति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा जा रहा है। इनमें सुरक्षित, मामूली मरम्मत की जरूरत वाली, बड़ी मरम्मत की जरूरत वाली और खतरनाक इमारतें शामिल हैं।

अवैध निर्माण पर बुलडोजर एक्शन
एमसीडी की कार्रवाई केवल सत्य निकेतन तक सीमित नहीं है। राजधानी के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर कार्रवाई की जा रही है। लक्ष्मी नगर, पांडव नगर, बिंदापुर और नेहरू विहार समेत कई इलाकों में निगम की टीमें कार्रवाई कर चुकी हैं। एमसीडी ने 34 ध्वस्तीकरण कार्रवाई और 17 सीलिंग के अलावा 4 और ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए हैं। वहीं अवैध निर्माण को लेकर 22 शो-कॉज नोटिस और सीलिंग से जुड़े 27 नोटिस भी जारी किए गए हैं।

दिल्ली सरकार का सख्त रुख
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में PG और हॉस्टल जैसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सख्ती बढ़ाई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही PG इमारतों की जांच पर भी जोर दिया गया है।

आगे और बढ़ सकता है एक्शन
एमसीडी की जांच में ऐसे भवन भी सामने आ रहे हैं जिनमें नियमों के खिलाफ अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में 52 ऐसी इमारतों की पहचान हुई है जिनमें अवैध पांचवीं मंजिल का निर्माण पाया गया है और इनके खिलाफ भी आगे कार्रवाई हो सकती है। सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में अब प्रशासन का फोकस ऐसी इमारतों की पहचान पर है, जहां अवैध निर्माण या संरचनात्मक कमजोरी से लोगों की जान को खतरा हो सकता है। आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत और भी इमारतों पर कार्रवाई होने की संभावना है।

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