Jamia Millia Islamia News: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव को लेकर एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन के भीतर चुनाव कराने के आदेश दिए हैं, लेकिन छात्र तय समय-सीमा में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने और मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति की मांग पर अड़े हैं। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया।

चुनाव की समय-सीमा और मुख्य चुनाव अधिकारी की मांग
छात्र आसिफ खान ने कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त करना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि केवल चुनाव कराने का आदेश देना पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को चुनाव की प्रक्रिया और उससे जुड़ी समय-सीमा को लेकर भी स्पष्ट कदम उठाने चाहिए।

ऑनलाइन क्लास बंद करने से लेकर कैंटीन खोलने तक की मांग
प्रदर्शनकारियों ने चुनाव के अलावा कई अन्य मांगें भी उठाई हैं। इनमें ऑनलाइन कक्षाओं को रोकना, कैंटीन और लाइब्रेरी को दोबारा खोलना, छात्र संघ के संविधान को मंजूरी देने के लिए समय-सीमा तय करना और चीफ प्रॉक्टर का इस्तीफा शामिल है। छात्रों का कहना है कि इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण वे आंदोलन समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं।

गेट नंबर 7 के बाहर जुटीं छात्राएं, पुलिस ने हिरासत में लिया
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को करीब 100 छात्राएं अलग-अलग गेट से विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुईं। इनमें से कुछ गेट नंबर 7 के बाहर एकत्र हुईं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। छात्र संघ चुनाव को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन मुख्य चुनाव अधिकारी की नियुक्ति और छात्रों की अन्य मांगों पर क्या कदम उठाता है। 

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