US-Iran War: एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लगातार धमकी दे रहे है तो वहीं दूसरी तरफ ईरान पीछे हटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं है। इसी बीच अब पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व ईरान पहुंच रहे है, जिसने एक बार फिर मिडिल ईस्ट में टेंशन बढ़ा दिया है और कई तरह के सवाल उठना शुरू हो गए है।
कि क्या डोनाल्ड के खिलाफ मुस्लिम देश एक और गए है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब से खलबली
ईरान में पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल क्षेत्रीय सुरक्षा पर महत्वपूर्ण बातचीत के लिए ईरान जाने की तैयारी में है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, सऊदी रक्षा मंत्री खालिद बिन सलमान और तुर्की के खुफिया प्रमुख इब्राहिम कलिन के तेहरान पहुंचने की उम्मीद है। इन वार्ताओं में क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की जाएगी।
मक्का पैक्ट के तहत सऊदी अरब की मदद के लिए पाकिस्तान और तुर्की ने हामी भरी थी, इसके बाद भी हूती विद्रोहियों के हमले रूकने का नाम नहीं ले रहा है और अब यह तीनों देश ईरान पहुंच रहे है। बता दें कि ईरान हमेशा से हूती विद्रोहियों को सपोर्ट करता हुआ आया है।
मिडिल ईस्ट में मचेगी भयंकर तबाही
अमेरिका द्वारा लगातार ईरान पर हमले की धमकी दे रहा है। इजरायल ने तो एक फोटो लगाकर मिडिल ईस्ट में सनसनी मची दी है। वहीं अब ईरान में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब का शीर्ष नेतृत्व पहुंच रहा है।
जिसने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए है। यह कहना थोड़ी जल्दबाजी होगी कि चारों देश अमेरिका के खिलाफ मिलकर लड़ सकते है, क्योंकि हूती विद्रोही सऊदी अरब पर लगातार हमला कर रहे है और ईरान विद्रोहियों का समर्थक रहा है। इसके अलावा US-Iran War के दौरान ईरान ने सऊदी अरब पर हमला कर दिया था। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तबाही मचने जा रही है।