Delhi News: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में मेट्रो सेवाओं, सड़कों और आवाजाही पर लगी पाबंदियों के लिए सरकार जिम्मेदार है, न कि विपक्ष के प्रदर्शन। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि ऐसा होने पर विरोध-प्रदर्शन 30 सेकंड में रुक जाएंगे।
रामलीला मैदान में 1 नवंबर को INDIA गठबंधन की रैली
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित प्रदर्शन का पोस्टर साझा किया। यह रैली कथित चुनावी अनियमितताओं और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर विपक्ष के आंदोलन का हिस्सा है।
To every trader in Delhi: We love you and hear you. The Govt shut the metro, sealed our roads and locked down our capital. With a stolen vote nothing is safe - your shop, your savings, your children’s future. Tell Modi to sack accused no. 4, Gyanesh Kumar and the protests will stop in 30 seconds. दिल्ली के हर व्यापारी से: हम आपसे प्यार करते हैं, आपकी बात सुन रहे हैं। मेट्रो सरकार ने बंद की, सड़कें सरकार ने सील की, राजधानी पर ताला सरकार ने लगाया। जब वोट ही चोरी हो जाए, तो कुछ भी सुरक्षित नहीं - न आपकी दुकान, न आपकी बचत, न आपके बच्चों का भविष्य। मोदी जी से कहिए - आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 26, 2026
राहुल गांधी ने दिल्ली के खुदरा और थोक व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं को सुना जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की कार्रवाई के कारण मेट्रो बंद हुई, सड़कें सील की गईं और राजधानी में आवाजाही प्रभावित हुई। उन्होंने अपने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी की। हालांकि, चुनावी अनियमितताओं और सरकार की भूमिका को लेकर राहुल गांधी के आरोप राजनीतिक दावे हैं।
त्योहारों के मौसम में कारोबार प्रभावित होने की चिंता
दिल्ली के व्यापारिक संगठनों ने प्रस्तावित रैली के समय को लेकर चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने INDIA गठबंधन के शीर्ष नेताओं से अपील की है कि त्योहारों के दौरान होने वाली इस रैली को टालने पर विचार किया जाए। व्यापारियों के मुताबिक, धनतेरस, दिवाली और भाई दूज से पहले बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ती है। ऐसे में सड़कों पर बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियों से कारोबार प्रभावित होने की आशंका है।
चांदनी चौक, सदर बाजार और करोल बाग पर असर की आशंका
व्यापारिक संगठनों ने चांदनी चौक, सदर बाजार और करोल बाग जैसे प्रमुख बाजारों में व्यापार प्रभावित होने की चिंता जताई है। उनका कहना है कि त्योहारों के दौरान आवाजाही बाधित होने से व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी परेशानी हो सकती है और कारोबार को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पहले ही व्यापारियों की अपील पर विचार करने की बात कह चुके हैं। अब प्रस्तावित रैली को लेकर विपक्ष और व्यापारिक संगठनों के बीच आगे क्या फैसला होता है, इस पर नजर बनी हुई है।
चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष का विरोध जारी
राहुल गांधी ने अपने बयान में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग दोहराई। विपक्ष इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहा है, जबकि व्यापारिक संगठन त्योहारों के दौरान बाजारों की सामान्य गतिविधियां बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में 1 नवंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर राजनीतिक विरोध और व्यापारियों की चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती बनी हुई है।
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