नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। रविवार को इंडिया गेट की ओर मार्च कर रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज समेत कई पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, इस प्रदर्शन में कम से कम 25 AAP कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
सौरभ भारद्वाज को इससे पहले भी 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। इस बार पुलिस बस के अंदर से उन्होंने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाया।
फुटबॉल की तरह उठा-उठाकर फेंक रहे हैं
हिरासत के दौरान मीडिया से बात करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'वे मुझे ऐसे उठा-उठाकर फेंक रहे हैं जैसे मैं कोई फुटबॉल हूं।' उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोग शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं तो उनके साथ इस तरह का व्यवहार क्यों किया जा रहा है। भारद्वाज ने कहा कि अगर नेताओं और पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है तो आम लोगों के साथ पुलिस का रवैया कैसा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
भारद्वाज ने लोगों से इंडिया गेट पहुंचकर अपनी आवाज उठाने की अपील भी की। उनके इस बयान और पुलिस कार्रवाई को लेकर AAP ने दिल्ली पुलिस पर सवाल उठाए हैं।
केजरीवाल ने X पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना की
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सौरभ भारद्वाज की हिरासत पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने X पर लिखा, “यह बिल्कुल चौंकाने वाला है। मोदी जी ने तो हिटलर को भी पीछे छोड़ दिया है।”
केजरीवाल की यह टिप्पणी उस समय आई है जब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों का प्रदर्शन दिल्ली में लगातार तेज हो रहा है।
महिला पत्रकारों की शिकायतों पर भी विवाद
इस बीच 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इन शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, शिकायतें दर्ज की गई हैं और महिला पत्रकारों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। पुलिस ने संबंधित घटना की कोई वीडियो फुटेज रखने वाले लोगों से उसे जांच टीम के साथ साझा करने की अपील की है।
एक शिकायत में ACP विवेक भगत पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे क्राइम ब्रांच को सौंपा है।
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का मुद्दा मुख्य रूप से चुनावी मतदाता सूची में Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्ष की आपत्तियों से जुड़ा है। विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए CEC के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
रविवार को दिल्ली में AAP के अलावा अन्य संगठनों ने भी प्रदर्शन किए। इससे पहले 2 और 3 अक्टूबर को भी जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था।
वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर संस्थागत असहमति के दावों को खारिज किया है और कहा है कि ड्राफ्ट चरण में प्रशासनिक सवाल, सुझाव और परिचालन संबंधी इनपुट सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। दिल्ली में CEC के खिलाफ विरोध अब लगातार कई दिनों से जारी है और विपक्षी दलों ने आने वाले दिनों में भी प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है।