शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्तर पर संचालित सीबीएसई स्कूलों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को इन स्कूलों के लिए शिक्षकों का ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों के लिए एक अलग व विशिष्ट रंग योजना जल्द निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य इन स्कूलों में एकरूपता के साथ-साथ अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों के साथ सीबीएसई स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए नया ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों की रंग योजना को भी जल्द अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
शिक्षकों के लिए तय होगा अलग ड्रेस कोड
सरकार की ओर से संचालित सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के पहनावे को लेकर एक समान व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड जल्द निर्धारित किया जाए, ताकि सभी स्कूलों में एकरूपता दिखाई दे। यह ड्रेस कोड 1 अक्टूबर से लागू करने की तैयारी है। अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यार्थियों के लिए भी होगी निर्धारित यूनिफॉर्म
शिक्षकों के ड्रेस कोड के साथ-साथ इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए भी एक निर्धारित यूनिफॉर्म तय की जाएगी। इससे स्कूलों में विद्यार्थियों के पहनावे को लेकर एक समान व्यवस्था बनाई जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य द्वारा संचालित सीबीएसई स्कूलों में बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अनुशासन का माहौल भी मिले।
स्कूल भवनों की भी बदलेगी पहचान
सीबीएसई स्कूलों के भवनों के लिए भी अलग और विशिष्ट रंग योजना तैयार की जाएगी। यानी राज्य सरकार द्वारा संचालित इन स्कूलों की अपनी एक अलग पहचान बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल भवनों के लिए रंग योजना को जल्द निर्धारित किया जाए। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा संचालित सीबीएसई स्कूलों के लोगो को अंतिम रूप देने को लेकर भी बैठक में आवश्यक प्रक्रियाओं पर चर्चा की गई।
दिन में तीन बार लगेगी उपस्थिति
सरकार ने सीबीएसई स्कूलों में अनुशासन और समय की पाबंदी को लेकर भी अहम व्यवस्था करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन स्कूलों में दिन में तीन बार उपस्थिति दर्ज की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्कूलों में समय की पाबंदी और अनुशासन को भी मजबूत किया जा सकेगा।
ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मौका
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का विशेष ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर है। इसी उद्देश्य से सरकारी स्तर पर सीबीएसई स्कूलों को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निजी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षा अपेक्षाकृत महंगी होती है, जबकि राज्य सरकार द्वारा संचालित सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थियों को सुलभ दरों पर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
शिक्षकों की कमी नहीं होने देने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा संचालित इन सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में किसी भी कारण से अगर शिक्षकों के पद खाली होते हैं, तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
शिक्षा विभाग की इस बैठक में महाधिवक्ता अनूप रतन, सचिव शिक्षा राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार के इन निर्देशों के बाद अब शिक्षा विभाग सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के ड्रेस कोड, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, भवनों की रंग योजना और स्कूल लोगो को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज करेगा। खास बात यह है कि शिक्षकों का ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाना प्रस्तावित है।
Reported by: M. Athar Uddin Munne Bharti
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