Bahraich News: बहराइच को नई रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिली है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ वर्चुअली जुड़कर नेपालगंज रोड (रुपईडीहा)-नानपारा-बहराइच रेल खंड पर ट्रेन सेवा की शुरुआत की। दोनों नेताओं ने हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को वाराणसी के लिए रवाना किया। इस अवसर पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड को ब्रॉडगेज नेटवर्क से जोड़ने की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस रेलखंड के ब्रॉडगेज कार्य और क्षेत्र के लिए चार अन्य ट्रेनों की घोषणा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 56 किलोमीटर लंबे बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड को करीब 730 करोड़ रुपये की लागत से ब्रॉडगेज में बदला गया है। नई रेल सेवा के तहत पहली ट्रेन रुपईडीहा से वाराणसी सिटी तक जाएगी, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को काशी तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
'दशकों का सपना आज हुआ साकार'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहराइच कभी भारत की गौरवशाली विरासत और सत्ता के महत्वपूर्ण केंद्रों में शामिल रहा, लेकिन आजादी के बाद लंबे समय तक यह क्षेत्र विकास से वंचित रहा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बेहद सीमित थी और अधिकांश लाइन मीटरगेज के रूप में संचालित होती थी। नेपाल सीमा से सटे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को लंबे समय तक अपेक्षित रेल सुविधाएं नहीं मिल सकीं। सीएम ने कहा कि जहां देश के कई हिस्सों में मीटरगेज लाइनों को ब्रॉडगेज में बदला गया और नई ट्रेन सेवाएं शुरू हुईं, वहीं बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड क्षेत्र लंबे समय तक इस विकास से दूर रहा। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के बावजूद यह इलाका भारत के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है और यहां के लोग दशकों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे थे।
रेल सेवा से मजबूत होगी भारत-नेपाल कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई रेल सेवा से केवल यात्रियों को सुविधा नहीं मिलेगी, बल्कि भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध भी मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है। नई रेल सेवा से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, उद्योगों के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी और पर्यटन व कृषि क्षेत्र को भी नई ताकत मिलेगी। सीएम के मुताबिक, इस रेल नेटवर्क से कतर्नियाघाट जैसे ईको टूरिज्म केंद्रों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों से भी क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। नेपालगंज रोड, नानपारा, बाबागंज, मटेरा, रिसिया और बहराइच समेत पूरे इलाके के सामाजिक और आर्थिक विकास में नई रेल सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।
बहराइच से खलीलाबाद तक नई रेललाइन पर भी काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि बहराइच से खलीलाबाद तक नई रेललाइन बिछाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके साथ ही गोरखपुर से सिद्धार्थनगर, शोहरतगढ़ और बलरामपुर होते हुए बहराइच तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने और आगे नेपालगंज रोड तक रेल संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी गतिविधियां शुरू हो रही हैं। इससे पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के बीच रेल नेटवर्क मजबूत होगा और सीमावर्ती इलाकों के लिए विकास के नए अवसर खुलेंगे।
महाराजा सुहेलदेव के गौरव का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में बहराइच के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब एक हजार वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ संघर्ष करते हुए बहराइच की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत किया था। सीएम ने कहा कि लंबे समय तक महाराजा सुहेलदेव के योगदान को अपेक्षित सम्मान नहीं मिला, लेकिन अब बहराइच में उनका भव्य स्मारक तैयार किया गया है।
लखनऊ-बहराइच फोरलेन कनेक्टिविटी को भी मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश में सड़क और रेल कनेक्टिविटी पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने लखनऊ से बहराइच तक फोरलेन सड़क कनेक्टिविटी को भी मंजूरी दी है। सीएम ने कहा कि नए भारत में सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ रैपिड रेल, नमो भारत, अमृत भारत और वंदे भारत जैसी आधुनिक परिवहन सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
'बड़ी पटरी से बड़े होंगे रास्ते और अवसर'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले कई क्षेत्रों के लोग रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण और ब्रॉडगेज नेटवर्क का इंतजार करते थे, लेकिन आज देश में रेल नेटवर्क का तेजी से आधुनिकीकरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब रेल की पटरी बड़ी होती है तो रास्ते भी बड़े होते हैं, बाजारों का विस्तार होता है और रोजगार व विकास के अवसर भी बढ़ते हैं। नई रुपईडीहा-नानपारा-बहराइच रेल सेवा को सीमावर्ती बहराइच के लिए एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। इससे न सिर्फ यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि नेपाल सीमा से वाराणसी तक कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम से पहले नेपाल में प्राकृतिक आपदा के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि भी दी गई। मुख्यमंत्री ने नेपाल के लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और नेपाल केवल राजनीतिक रिश्तों से नहीं, बल्कि साझा सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से भी जुड़े हुए हैं।
Reported By: एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती