Greater Noida News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में भारत की सांस्कृतिक पहचान और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत की चेतना और पहचान उसकी सनातन परंपरा से जुड़ी हुई है।

सीएम योगी ने कहा कि भारतीय परंपरा में सामाजिक मूल्यों, सद्भाव और महिलाओं के सम्मान को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उन्होंने प्राचीन विदुषी गार्गी और ऋषि याज्ञवल्क्य के बीच हुए शास्त्रार्थ का उदाहरण देते हुए कहा कि यह उस दौर में महिलाओं की बौद्धिक भूमिका को दर्शाता है।

महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में अलग-अलग कालखंडों में महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा को महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भागीदारी और उनके योगदान को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

‘प्रेरणा विमर्श-2026’ का इस वर्ष केंद्रीय विषय ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ रखा गया है। कार्यक्रम में महिला सम्मान, युवा शक्ति, तकनीक, AI, डिजिटल मीडिया और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

महिला, युवा, किसान और गरीब योजनाओं के केंद्र में
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं के केंद्र में महिला, युवा, किसान और गरीब हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों को बिना जाति, क्षेत्र, भाषा या धर्म के आधार पर भेदभाव के मिलना चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उदाहरण देते हुए दावा किया कि देश में चार करोड़ लोगों को आवास उपलब्ध कराया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में 65 लाख लोगों को घर दिए गए हैं और जल्द ही 12 लाख और लोगों को आवास देने की बात कही।

योगी ने कहा कि चुनाव के बाद सरकार की जिम्मेदारी सभी नागरिकों के प्रति समान रहती है। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना का उल्लेख करते हुए भगवान कृष्ण के ‘समत्वं योग उच्यते’ सिद्धांत को भी उद्धृत किया।

भारत की चेतना सनातन परंपरा से जुड़ी
सीएम योगी ने अपने संबोधन में भारत की सांस्कृतिक पहचान पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत की चेतना उसकी प्राचीन और सनातन परंपराओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने भारतीय ऋषि परंपरा और सामाजिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परंपराओं में सद्भाव और सामाजिक समरसता का भाव रहा है।

दो दिन तक हुआ विचार-विमर्श
‘प्रेरणा विमर्श-2026’ का आयोजन 19 और 20 सितंबर को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में किया गया। इस वर्ष की थीम ‘उत्कर्ष : नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ थी। पहले दिन ‘नारी शक्ति राष्ट्र वंदन यज्ञ’ आयोजित हुआ, जिसमें करीब 1,200 महिलाओं ने हिस्सा लिया।

दूसरे दिन ‘युवा सोच, नया भारत’ और ‘स्वाभिमानी नारी, सशक्त भारत’ जैसे विषयों पर समानांतर सत्र आयोजित किए गए। इनमें AI, तकनीक, डिजिटल मीडिया, उद्यमिता, कौशल विकास, महिला नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।