Mathura New Township: मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने छाता में प्रस्तावित 117 हेक्टेयर की नई टाउनशिप के लेआउट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। प्राधिकरण की योजना है कि इसी साल के अंत तक टाउनशिप को लॉन्च किया जाए। इसके साथ ही MVDA की सीमा का विस्तार करने के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इसके तहत 93 नए गांवों को प्राधिकरण की सीमा में शामिल किया जाएगा।

117 हेक्टेयर में विकसित होगी टाउनशिप
मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में शुक्रवार को वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में MVDA बोर्ड की 110वीं बैठक हुई। बैठक में छाता टाउनशिप के लेआउट को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। बता दें कि ये परियोजना लैंड पूलिंग के तहत विकसित की जा रही है। आवासीय योजना की प्रक्रिया सितंबर 2024 में शुरू हुई थी। करीब 18 साल बाद यह MVDA की बड़ी आवासीय योजनाओं में से एक होगी। इससे पहले वृंदावन की रुक्मिणी विहार आवासीय योजना प्रमुख परियोजना रही है।

घर से लेकर होटल और अस्पताल तक की सुविधा
प्रस्तावित टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक भूखंडों के साथ कई संस्थागत और सामुदायिक सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। यहां स्कूल, कॉलेज, ग्रुप हाउसिंग, होटल, सुपर मार्केट, अस्पताल, EWS भूखंड, आवास और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स समेत अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

टाउनशिप की लोकेशन भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक है, जिससे कनेक्टिविटी बेहतर रहने की उम्मीद है। इसके अलावा कोकिलावन शनिधाम, बरसाना और नंदगांव जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के नजदीक होने से भी इस क्षेत्र का महत्व बढ़ेगा।

93 गांवों को MVDA में शामिल करने पर सहमति
बोर्ड बैठक में MVDA की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को भी सहमति दी गई। इसके तहत मथुरा और गोवर्धन तहसील समेत अन्य संबंधित क्षेत्रों के कुल 93 गांवों को प्राधिकरण की सीमा में शामिल किया जाना प्रस्तावित है। बोर्ड की मंजूरी के बाद अब प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इन क्षेत्रों में नियोजित विकास और भूमि उपयोग नियंत्रण से जुड़े नियम लागू होने का रास्ता साफ होगा।

इन क्षेत्रों में बढ़ेगा नियोजन क्षेत्र
सीमा विस्तार के बाद MVDA का नियोजन क्षेत्र भी बढ़ेगा। प्रस्ताव में गोवर्धन तहसील के हथिया, कमई, डाहरौली, सीह, पलसों, मड़ौरा, भगौसा, सकरवा, रहेड़ा, ततारपुर, सहार, देवपुरा, भरनाकलां, डिरावली, पाली, भरनाखुर्द, लोहरवारी, रीठोरा, राकौली, नाहरा, जानू, महरौली, मुड़सेरस, देवसेरस, दौलतपुर, मलसराय, कोंथरा, बछगांव, सौंख देहात, पैंठा, नेनू पट्टी, बोरपा, अहमल, मल्हू, नगला छिंगा, भदार, नगला सावंत, बसई, सोंसा, सेंही और कोसीखुर्द समेत गांव शामिल हैं। वहीं छाता तहसील के ब्रिजवारी, कमालपुर, पिसावा, मड़ोई और लौधोली को भी प्राधिकरण की सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव है।

मथुरा तहसील के कई गांव भी आएंगे दायरे में
मथुरा तहसील के भाहपुर चैनपुरा, नगला गजू, बेरुका, रामपुर, नवीपुर, नगरी, समसपुर, भुड़रसु, धाना डालचंद्र, सोन, धाना वीरान, उमरी, सनौरा, हतावली, कवायला, मलिकपुर, बाकलपुर फरह, बरोदा मशरकपुर, करनपुर, बेगमपुर, मिर्जापुर नगला, कोह, पिपरोठा मुर्शिदपुर, जोधपुर, गोकुलपुर, विसू, भदाया, बबूरी शार्की, लाड़पुर, नगला मनीराम, आमल सुल्तानपुर खादर बांगर, बलरई बांगर खादर, झंडीपुर खादर बांगर, खैरट, गढ़ाया लतीफपुर खादर बांगर, परखम, जमालपुर, धाना खेमा और मीरपुर को भी प्रस्तावित सीमा में शामिल किया जाएगा।

भू-उपयोग प्रस्तावों पर पुन: परीक्षण के निर्देश
बैठक में प्राधिकरण क्षेत्र से जुड़े अन्य विकास प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने भू-उपयोग से संबंधित कुछ प्रस्तावों का पुन: परीक्षण करने के निर्देश दिए। सीमा विस्तार को शासन की मंजूरी मिलने के बाद नए क्षेत्रों में नियोजित विकास की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।