UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजनीतिक दल अभी से अपने समीकरण बनाने में जुटे हैं। इसी बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गठबंधन को लेकर एक बार फिर अपना रुख साफ किया है। ओवैसी का कहना है कि अगर कोई दल बीजेपी को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए साथ आना चाहता है तो AIMIM बातचीत के लिए तैयार है।

हालांकि ओवैसी ने इसके साथ अपनी शर्त भी साफ कर दी है। उनका कहना है कि गठबंधन में AIMIM को सम्मान और बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए। पार्टी किसी गठबंधन में केवल नाम के लिए शामिल होकर छोटी सहयोगी की भूमिका स्वीकार नहीं करेगी।

बीजेपी को रोकने के लिए साथ आने का ऑफर

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में बीजेपी को तीसरी बार सरकार बनाने से रोकने के लिए विपक्षी दलों के साथ गठबंधन को तैयार है। उनका कहना है कि सिर्फ एक पार्टी के भरोसे बीजेपी को रोकने की कोशिश करना पर्याप्त नहीं होगा।ओवैसी ने बिहार का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि वहां AIMIM की ओर से विपक्षी दलों के सामने गठबंधन का प्रस्ताव रखा गया था और पार्टी ने छह सीटों की मांग की थी। हालांकि उस समय प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई।ओवैसी ने अब इसी तरह का खुला प्रस्ताव यूपी के लिए भी दिया है। उनका कहना है कि जो दल बीजेपी के खिलाफ साथ आना चाहते हैं, वे AIMIM से बातचीत कर सकते हैं।

गठबंधन में बराबरी की शर्त

ओवैसी पहले भी साफ कर चुके हैं कि AIMIM किसी गठबंधन में अधीनस्थ भूमिका स्वीकार नहीं करेगी। उनका जोर इस बात पर है कि अगर गठबंधन बनता है तो उसमें सभी दलों को सम्मान और बराबरी मिले और सीटों तथा सत्ता में हिस्सेदारी पर भी उचित बातचीत हो।यानी AIMIM का संदेश सिर्फ गठबंधन में शामिल होने तक सीमित नहीं है। पार्टी चाहती है कि चुनावी समझौते में उसे राजनीतिक हिस्सेदारी भी मिले।

अखिलेश और कांग्रेस के सामने क्या है चुनौती?

यूपी में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस विपक्षी राजनीति का प्रमुख हिस्सा हैं। ऐसे में ओवैसी का यह ऑफर आने वाले दिनों में विपक्षी गठबंधन के समीकरणों को लेकर चर्चा बढ़ा सकता है।ओवैसी इससे पहले अखिलेश यादव को भी साथ आने का संदेश दे चुके हैं। जुलाई में उन्होंने कहा था कि अब बातचीत का समय है और चुनाव के बाद एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने से बेहतर है कि पहले ही बातचीत की जाए।दूसरी ओर, बीजेपी और सपा की ओर से AIMIM को लेकर पहले से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि सपा, कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दल ओवैसी के इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाते हैं।

यूपी में कितनी सीटों पर उतरेगी AIMIM?

AIMIM ने उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी की ओर से अलग-अलग मौकों पर बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही गई है। जून में AIMIM के यूपी अध्यक्ष शौकत अली ने 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का दावा किया था, साथ ही गठबंधन होने पर गठबंधन धर्म निभाने की बात कही थी।ऐसे में 2027 का चुनाव AIMIM के लिए भी विस्तार की कोशिश का मौका है। पार्टी मुस्लिम बहुल सीटों के साथ उन इलाकों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जहां उसका संगठन पहले के मुकाबले मजबूत हुआ है।