भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की पहचान एक बार फिर बदल गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ऐलान किया कि अब भदोही जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने जिले में 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 112 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
नाम बदलने का यह फैसला इसलिए भी खास है क्योंकि भदोही की प्रशासनिक पहचान पिछले करीब 32 वर्षों में कई बार बदली है। कभी इसका नाम ‘संत रविदास नगर’ किया गया तो बाद में फिर ‘भदोही’ कर दिया गया। अब एक बार फिर जिले के नाम में संत रविदास का नाम जोड़ा गया है।
1994 में बना था अलग जिला
भदोही पहले वाराणसी जिले का हिस्सा हुआ करता था। 30 जून 1994 को इसे वाराणसी से अलग करके उत्तर प्रदेश का 65वां जिला बनाया गया। इसके बाद जिले की पहचान भदोही के नाम से हुई।
इसके कुछ वर्षों बाद जिले के नाम में बदलाव का दौर शुरू हुआ। 1997 में इसका नाम बदलकर संत रविदास नगर किया गया। इसके बाद 12 नवंबर 1999 को ‘संत रविदास नगर’ और ‘भदोही’ को मिलाकर जिले का नाम ‘संत रविदास नगर भदोही’ रखा गया।
2014 में फिर सिर्फ ‘भदोही’ हुआ नाम
नाम में यह बदलाव ज्यादा लंबे समय तक नहीं रहा। 6 दिसंबर 2014 को तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान जिले के नाम से ‘संत रविदास नगर’ हटा दिया गया और इसे फिर से भदोही कर दिया गया। इसके बाद करीब 12 वर्षों तक जिले की पहचान भदोही के नाम से रही।
अब 4 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर जिले का नाम ‘संत रविदास नगर भदोही’ करने का ऐलान किया है। इस तरह जिला बनने के बाद करीब 32 साल के सफर में इसकी पहचान पांचवीं बार बदली है।
संत रविदास से जुड़ा है नया नाम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाम बदलने के पीछे संत रविदास की विरासत और उनके सामाजिक समरसता के संदेश का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपनी भक्ति और विचारों के माध्यम से समाज को एकजुट करने का काम किया। इसी पहचान को भदोही के नाम से जोड़ने की बात कही गई है।
कालीन उद्योग के लिए दुनिया भर में पहचान
भदोही को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में उसके कालीन उद्योग के लिए जाना जाता है। यहां बनने वाले हाथ से बुने कालीन देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अपनी पहचान रखते हैं। इसी वजह से भदोही को अक्सर ‘कालीन नगरी’ या ‘Carpet City’ कहा जाता है। अब जिले की इस औद्योगिक पहचान के साथ उसके आधिकारिक नाम में संत रविदास का नाम भी जुड़ गया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भदोही एक बार फिर नाम बदलने को लेकर चर्चा में है। हालांकि, नाम बदलने की प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़े औपचारिक कदम आगे पूरे किए जाएंगे। फिलहाल मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक जिले की नई पहचान ‘संत रविदास नगर भदोही’ होगी।