Azam Khan News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान से जुड़े जौहर यूनिवर्सिटी मामले में नया मोड़ आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में आजम खान समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के कथित इस्तेमाल और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधान भी लगाए गए हैं।

ED की रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग को लेकर ईडी ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा था। इसी रिपोर्ट के आधार पर रामपुर में नया मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले बुधवार को ईडी ने रामपुर जिला जेल में आजम खान से पूछताछ भी की थी। एजेंसी की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सरकारी कार्यों के लिए जारी धन और निर्माण सामग्री का इस्तेमाल जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर में किया गया। इसके अलावा, कुछ ठेकेदारों के जरिए सरकारी धन को निर्माण कार्यों में लगाने और बाद में रकम को ट्रस्ट तक दान के रूप में पहुंचाने की आशंका जताई गई है।

416 करोड़ के निर्माण कार्यों पर उठे सवाल
एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में करीब 416.14 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की लागत और ट्रस्ट की घोषित आय-व्यय के बीच अंतर होने का दावा किया गया है। वहीं, ईडी ने सरकारी धन से कराए गए विभिन्न कार्यों का कुल मूल्य करीब 85.81 करोड़ रुपये बताया है। एजेंसी का आरोप है कि निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हुए धन और सामग्री के स्रोत की जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए। हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच तथा संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

ठेकेदारों और ट्रस्ट के लेनदेन की भी जांच
ईडी की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आजम खान के प्रभाव के चलते कुछ ठेकेदारों को सरकारी काम मिले और उन कार्यों से जुड़ी निर्माण सामग्री का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी परिसर में किया गया। एजेंसी ने कुछ रकम को दान के रूप में ट्रस्ट तक पहुंचाने के कथित तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में संबंधित लोगों के बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला दिया गया है। अब पुलिस इस मामले में दर्ज आरोपों और संबंधित लेनदेन की जांच करेगी।

पहले से चल रही है जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों की जांच
ईडी ने अपने पत्र में जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन, निर्माण कार्यों और पहले से दर्ज मुकदमों का भी उल्लेख किया है। यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ मामलों में पहले से जांच चल रही है। अब सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित आरोपों को लेकर नया मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच का दायरा बढ़ सकता है। एफआईआर दर्ज होना आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका रही। आजम खान और अन्य संबंधित पक्षों का जवाब तथा जांच के निष्कर्ष आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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