Divya Mittal Political News: पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर को लेकर अब तस्वीर साफ होने वाली है। किसी राजनीतिक दल में शामिल न होने का ऐलान कर चुकीं दिव्या मित्तल अब अपनी आगे की रणनीति सार्वजनिक करने जा रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया है कि 15 अक्टूबर को दोपहर एक बजे वह अपने राजनीतिक सफर के अगले कदम का खुलासा करेंगी। खास बात यह है कि उन्होंने इसके लिए मां विंध्यवासिनी की नगरी मिर्जापुर को चुना है। उनके इस ऐलान के बाद जिले से चुनाव लड़ने और स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाने की अटकलें तेज हो गई हैं।

सोशल मीडिया पर बताएगीं आगे की रणनीति
दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि वह अपने राजनीतिक सफर का अगला कदम लोगों के सामने रखेंगी। उन्होंने बताया कि 15 अक्टूबर को दोपहर एक बजे उनके इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स अकाउंट पर इसकी जानकारी मिलेगी। आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में आने की घोषणा भी उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए की थी। अब उनके अगले कदम पर भी लोगों की नजरें टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरेंगी, कोई नया राजनीतिक मंच बनाएंगी या लोगों के बीच काम करने के लिए कोई अलग रणनीति अपनाएंगी।

मिर्जापुर से चुनाव लड़ने की चर्चा क्यों तेज?
दिव्या मित्तल नवरात्र के पहले दिन मिर्जापुर पहुंची थीं। वह यहां जिलाधिकारी के पद पर भी रह चुकी हैं। ऐसे में उनके मिर्जापुर से ही राजनीतिक शुरुआत करने की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। उनके स्वागत के दौरान स्थानीय नेताओं की मौजूदगी ने भी इन अटकलों को हवा दी है। हालांकि, अभी तक उन्होंने मिर्जापुर से चुनाव लड़ने या किसी निर्वाचन क्षेत्र को अपना राजनीतिक केंद्र बनाने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। यह स्पष्टता 15 अक्टूबर को होने वाले ऐलान के बाद ही मिल सकेगी।

किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी दिव्या मित्तल
दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर को राजनीति में आने का ऐलान किया था। उस समय उन्होंने साफ कहा था कि वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। इसके बाद राहुल गांधी से मुलाकात और राजा भैया के साथ राजनीतिक राह आगे बढ़ाने जैसी चर्चाएं भी सामने आईं, जिन्हें उन्होंने मिर्जापुर पहुंचने पर खारिज कर दिया था। उनकी मंशा स्वतंत्र रूप से लोगों के बीच काम करने और उनकी समस्याओं को उठाने की बताई गई है। ऐसे में उनके अगले कदम को लेकर यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपनी इस सोच को किस तरह आगे बढ़ाती हैं।

13 साल प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद छोड़ी नौकरी
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। करीब 13 साल प्रशासनिक सेवा में रहने के बाद उन्होंने अगस्त 2026 में इस्तीफा दिया था, जिसे सितंबर में स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने राजनीति में आने के पीछे प्रशासनिक सेवा के दौरान महसूस की गई चुनौतियों का जिक्र किया था। उनका कहना था कि कई बार योजनाओं को मंजूरी और बजट मिलने के बावजूद आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने राजनीति के जरिए लोगों की आवाज बनने का फैसला किया। उन्होंने लोगों से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं को उठाने के लिए एक स्वतंत्र मंच बनाने की इच्छा भी जताई थी।

क्या मिर्जापुर बनेगा राजनीतिक कर्मभूमि?
दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से पुराना प्रशासनिक जुड़ाव रहा है। अब इसी जिले से उनके राजनीतिक सफर की अगली घोषणा होने जा रही है। ऐसे में उनके समर्थकों और राजनीतिक हलकों की निगाहें गुरुवार, 15 अक्टूबर को दोपहर एक बजे होने वाले ऐलान पर टिकी हैं। फिलहाल, चुनाव लड़ने, नया राजनीतिक मंच बनाने या किसी दूसरी रणनीति को अपनाने को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब देखना होगा कि दिव्या मित्तल अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत किस रूप में करती हैं और उनकी योजना में मिर्जापुर की क्या भूमिका होती है। 

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