अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रबंधन और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने बुधवार को एक बार फिर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट के कामकाज की निगरानी के लिए शंकराचार्य के माध्यम से किसी धर्माचार्य की नियुक्ति की जाए और आस्था से जुड़े लोगों को भी जिम्मेदारी सौंपी जाए। अजय राय ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला गंभीर है और इसे किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि चढ़ावे की चोरी का मुद्दा बहुत बड़ा है और अपने आप में गलत है। वहां शंकराचार्य के माध्यम से एक धर्माचार्य नियुक्त किया जाना चाहिए और आस्था से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में CEO के नाम पर मंथन
इसी बीच बुधवार को अयोध्या स्थित श्री मणिरामदास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक शुरू हुई। बैठक में राम जन्मभूमि मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर चर्चा की जा रही है। बैठक में ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज, महंत कमल नयन दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज समेत अन्य सदस्य पहुंचे। माना जा रहा है कि बैठक में CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी की रिपोर्ट पर चर्चा के बाद अंतिम नाम पर मुहर लगाई जा सकती है।
5 हजार से ज्यादा आवेदकों में से हुआ चयन
राम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO के चयन के लिए गठित सर्च कमेटी ने मंगलवार को अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी थी। इस पद के लिए 5,000 से अधिक लोगों ने आवेदन किया था, जिसके बाद लंबी स्क्रीनिंग प्रक्रिया के जरिए योग्य उम्मीदवारों को छांटा गया। सर्च कमेटी में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हावरे और पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली शामिल हैं।
रिपोर्ट सौंपे जाने के दौरान ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत दिनेंद्र दास, कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन और अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी समेत कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। अब बुधवार की बैठक में ट्रस्ट CEO के नाम पर अंतिम फैसला ले सकता है। वहीं, अजय राय की धर्माचार्य और आस्था से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी देने की मांग ने मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन को लेकर राजनीतिक बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।