Impact Player Rule: इंडियन प्रीमियर लीग 2027 में एक ऐसा नियम बदल सकता है, जिसकी आलोचना काफी समय से की जाती रही है। इस नियम कोई और नहीं बल्कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम है, जिसके आने के बाद आईपीएल में इसका बुरा प्रभाव देखने को मिला है और कई खिलाड़ी इसका विरोध कर चुके हैँ। अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस विषय पर ध्यान केंद्रीत किया है।
बीसीसीआई ने आईपीएल 2027 से पहले सभी टीमों से इम्पैक्ट प्लेयर रुल कई अन्य प्रमुख मुद्दों पर जवाब मांगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी फ्रेंचाइजियों को 31 अगस्त 2026 तक का समय दिया गया है और वह इस मामले पर अपने विचार प्रकट करें और रिपोर्ट को बोर्ड को सौंपे। बता दें कि, जब से इम्पैक्ट प्लेयर का नियम खेल से जोड़ा गया है, तब से ऑलराउंडर्स खिलाड़ियों को अधिक मौके नहीं मिले हैं।
गेंदबाज थे इम्पैक्ट प्लेयर नियम से परेशान
हालांकि, सिर्फ ऑलराउंडर ही नहीं बल्कि गेंदबाज और कप्तान भी इस नियम से खुश नहीं थे। इम्पैक्ट प्लेयर नियम आने के बाद टीम में एक अतिरिक्त बल्लेबाज को शामिल किया जा सकता था और इसका असर गेंदबाजों पर देखने को मिलता था।
यही वजह थी कि इसको गेंदबाजों का सबसे बड़ा दुश्मन माना जा रहा है और यही वजह है कि इसको लेकर अब बीसीसीआई भी जागता दिख रहा है और सभी टीमों से उनकी राय मांगी है। क्रिकबज के अनुसार, बीसीसीआई ने सभी टीमों से खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र (PMOA), अंपायरिंग, अभ्यास सत्र और खेलने की परिस्थितियों से जुड़े मामलों पर भी टीमों से राय मांगी है।
क्या हट जाएगा इम्पैक्ट प्लेयर नियम?
बता दें कि, आईपीएल में बीसीसीआई पहले भी इन मुद्दों पर टीमों से जवाब मांगती रही है, जो कि एक आम बात है। लेकिन, इम्पैक्ट प्लेयर रुल पर विशेष रूप से प्रतिक्रिया मांगना दर्शाता है कि इसको भविष्य में खत्म किया जा सकता है।
इस खबर के आने के बाद यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बीसीसीआई इस नियम को अधिकांश एक या दो सीजन तक और खींच सकता है या फिर टीमों से मिलने वाली प्रतिक्रिया के आधार पर आईपीएल 2027 में भी बंद करने पर विचार किया जा सकता है।
कप्तानों-खिलाड़ियों ने किया था विरोध
जब से इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खेल में लाया गया है, तब से कई कप्तान और खिलाड़ी इसकी आलोचना कर चुके हैं। पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल, शुभमन गिल, विराट कोहली भी इस नियम का विरोध कर चुके हैं।
हालांकि, टीमें भी धीरे-धीरे इस नियम को अपना चुकी थी, लेकिन एक बार फिर बीसीसीआई ने इसपर जवाब मांगकर कई नए सवालों को जन्म दे दिया है। अगले सीजन के लिए इस रुल की समीक्षा की जाएगी और आगे भी इसको जारी रखना है या फिर नहीं इसको लेकर कड़े फैसले लिए जाएंगे।
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