Amit Mishra: दिल्ली कैपिटल्स ने हाल ही में अमित मिश्रा को टीम का नया स्पिन बॉलिंग कोच बनाया है। इंडियन प्रीमियर लीग 2027 में मिश्रा भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के साथ काम करते नजर आएंगे। इस स्टार लेग स्पिनर ने पिछले साल ही पेशेवर क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया था और अब कोचिंग की भूमिका में कदम रखने जा रहे हैं।
मिश्रा ने हाल ही में भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और प्रसिद्ध कमेंटेटर आकाश चोपड़ा से बात की और अब दिल का हाल बयां किया। लेग स्पिनर ने बताया कि भारतीय टीम से बाहर होना उनके क्रिकेट करियर के सबसे मुश्किल दौर में से एक था।
18 महीने तक झेला डिप्रेशन
भारत के पूर्व लेग-स्पिनर ने बताया है कि वे 18 महीने तक डिप्रेशन से जूझते रहे, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उन्हें देश के लिए खेलने के मौके क्यों नहीं मिल रहे हैं। मिश्रा ने 2003 में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था।
हालांकि, जल्द ही वे भारतीय टीम से बाहर हो गए। उन्हें कुछ घरेलू टूर्नामेंटों के लिए भी नहीं चुना गया। क्रिकेट खेलना जारी रखने के बावजूद, वे यही सोचते रहे कि उन्हें क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। मिश्रा ने कहा,
"मैं डेढ़ साल तक डिप्रेशन में रहा। मैं यही सोचता रहता था कि मेरी गलती क्या थी। मैं हर जगह खेल रहा था, लेकिन मेरे दिमाग में बस एक ही सवाल था कि 'मैंने आखिर क्या गलत किया है?’’
सेलेक्टर ने आकर की मदद- मिश्रा
पूर्व स्टार लेग स्पिनर ने आकाश चोपड़ा के सामने स्वीकार किया कि टीम इंडिया से बाहर होने के बाद उनकी मदद एक सेलेक्टर ने की थी। मिश्रा ने कहा, "एक सेलेक्टर ने मुझसे कहा कि मैं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा हूं। मैंने बैठकर सोचा, तो मुझे समझ आया कि मैं सिर्फ भारत के लिए खेलने के बारे में सोच रहा था, जबकि घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा था।"
2008 में हुई वापसी
2003 में पदार्पण करने वाले अमित मिश्रा को खराब प्रदर्शन के चलते 5 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रहना पड़ा था लेकिन साल 2008 में घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने टीम इंडिया मेंं अपनी जगह बनाई।
हालांकि, मिश्रा का इंटरनेशनल करियर ज्यादा बड़ा नहीं रहा, क्योंकि वह लगातार टीम से अंदर–बाहर होते रहते थे। उन्होंने भारत के लिए 22 टेस्ट, 36 वनडे और 10 टी20 मैच खेले। इन तीनों फॉर्मेट में उन्होंने कुल 156 विकेट लिए।
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