मध्य प्रदेश का 20 वर्षीय युवक इन दिनों अपने अनोखे प्रयास को लेकर चर्चा में है। जहां अक्सर लोग नदियों में बढ़ते प्रदूषण और कचरे को देखकर प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद करते हैं, वहीं सोशल मीडिया पर 'बिट्टू तबाही' नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने खुद ही सफाई की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। वह लंबे समय से नदियों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा प्लास्टिक, कूड़ा-कचरा और अन्य गंदगी को हटाने में जुटा है।

अजनार नदी को साफ करने का संकल्प

बिट्टू का खास फोकस प्रदूषण से प्रभावित अजनार नदी की सफाई पर है। अपने वीडियो के जरिए उसने बताया कि नदियों को साफ रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम लोगों को भी इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इसी सोच के साथ उसने किसी बड़े संगठन या सरकारी अभियान का इंतजार करने के बजाय खुद मैदान में उतरने का फैसला किया।

वह नदी के घाटों और आसपास के इलाकों में जमा कचरे को हटाता है। प्लास्टिक, बोतलें और दूसरी गंदगी को निकालने के लिए वह घंटों मेहनत करता है। इस दौरान किए गए काम के वीडियो वह सोशल मीडिया पर भी साझा करता रहा है।

अपनी जेब से खर्च कर रहा पैसे

 Bittu Tabahi River Cleaning Viral News: बिट्टू के प्रयास की खास बात यह है कि वह सफाई के लिए जरूरी सामान जुटाने में अपनी जेब से भी पैसे खर्च कर रहा है। सफाई के उपकरणों से लेकर कचरा हटाने और उसे एक जगह तक पहुंचाने की व्यवस्था तक, वह कई काम खुद संभालता है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर उसके प्रयासों को लेकर सवाल भी उठे हैं। कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि वह केवल वीडियो बनाने और वायरल होने के लिए सफाई का दिखावा कर रहा है। इन सवालों का जवाब देते हुए बिट्टू ने हाल ही में एक वीडियो साझा किया और अपनी मेहनत के बारे में बताया।

एक घाट की सफाई में लगे 3 महीने से ज्यादा

बिट्टू के मुताबिक, नदी की सफाई करना कैमरे पर दिखाई देने जितना आसान नहीं है। उसने बताया कि एक घाट को साफ करने में ही उसे 3 महीने से ज्यादा समय तक मेहनत करनी पड़ी। उसके अनुसार, लगातार कचरा हटाना और गंदगी के बीच काम करना काफी मुश्किल और समय लेने वाला काम है। अपने वीडियो में उसने लोगों से यह भी कहा कि उसके काम को केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। उसका दावा है कि उसने सिर्फ वीडियो नहीं बनाए, बल्कि लंबे समय तक जमीन पर उतरकर वास्तविक सफाई का काम किया है।

आनंद महिंद्रा की पोस्ट से भी मिला ध्यान

अपने प्रयासों के दौरान बिट्टू ने बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा की उस सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया, जो इस साल की शुरुआत में काफी चर्चा में रही थी। उस पोस्ट के बाद उसके काम को लेकर लोगों का ध्यान भी बढ़ा। हालांकि, सोशल मीडिया पर चर्चा मिलना उसके अभियान का एक हिस्सा भर है। असली चुनौती नदी की गंदगी को लगातार हटाना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।

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गंदे पानी में काम करना स्वास्थ्य के लिए चुनौती

नदी की सफाई के दौरान बिट्टू को स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी उठाने पड़ रहे हैं। गंदे पानी, प्लास्टिक और अन्य कचरे के बीच लंबे समय तक काम करना आसान नहीं है। इसके बावजूद वह लगातार सफाई में जुटा हुआ है। बिट्टू की कहानी इस बात की ओर ध्यान खींचती है कि पर्यावरण की जिम्मेदारी केवल सरकारी विभागों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। प्रशासन के प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। एक 20 वर्षीय युवक का यह व्यक्तिगत प्रयास कम से कम इतना संदेश जरूर देता है कि बदलाव की शुरुआत कोई एक व्यक्ति भी कर सकता है।