भारत के प्रमुख आईटी शहर बेंगलुरु में जीवनयापन की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दंपति ने अपने मासिक खर्चों का विवरण साझा किया, जिसके बाद शहर की महंगाई को लेकर नई बहस शुरू हो गई। दंपति के परिवार में पति-पत्नी, एक छोटा बच्चा और एक पालतू कुत्ता शामिल हैं। उनके अनुसार, बेंगलुरु में सामान्य और सुविधाजनक जीवन जीने के लिए हर महीने लगभग 1.66 लाख रुपये खर्च हो जाते हैं।
सबसे बड़ा खर्च है मकान किराए
सबसे बड़ा खर्च मकान किराए का है। परिवार को हर महीने लगभग 68 हजार रुपये केवल किराए के रूप में चुकाने पड़ते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य और फिटनेस पर करीब 31 हजार रुपये खर्च होते हैं। घरेलू सहायता, नैनी और खाना बनाने वाले कर्मचारी पर लगभग 29 हजार रुपये का व्यय आता है। वहीं, किराने के सामान पर 18 हजार रुपये, बच्चे और पालतू जानवर की जरूरतों पर 8 हजार रुपये तथा मनोरंजन, बाहर भोजन, इंटरनेट और अन्य दैनिक खर्चों पर लगभग 12 हजार रुपये खर्च होते हैं।
बेंगलुरु में किराए की दरों में वृद्धि
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बेंगलुरु में किराए की दरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। शहर के लोकप्रिय इलाकों जैसे व्हाइटफील्ड, इंदिरानगर, कोरमंगला और सरजापुर रोड में अच्छे आवास का मासिक किराया 50 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक पहुंच सकता है। यही कारण है कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बजट संभालना कठिन होता जा रहा है।
सोशल मीडिया पर इसको लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर इस खर्चे को लेकर लोगों की मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि बेंगलुरु अब केवल उच्च आय वर्ग के लोगों के लिए उपयुक्त शहर बनता जा रहा है, जबकि कई अन्य लोगों ने स्वीकार किया कि उनके मासिक खर्च भी लगभग इसी स्तर तक पहुंच चुके हैं। कुछ उपयोगकर्ताओं ने छोटे शहरों में बसने को बेहतर विकल्प बताया।
बेंगलुरु में रोजगार के अवसर और अच्छी तनख्वाहें उपलब्ध
हालांकि बेंगलुरु में रोजगार के अवसर और अच्छी तनख्वाहें उपलब्ध हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई लोगों की बचत पर असर डाल रही है। किराया, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और दैनिक जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने परिवारों की आर्थिक चुनौतियां बढ़ा दी हैं। यही वजह है कि आज बेंगलुरु में रहने की लागत देश के सबसे महंगे शहरी क्षेत्रों में गिनी जाने लगी है।
Written By Toshi Shah