ब्रह्मांड में सृजन और विनाश का चक्र लगातार चलता रहता है, लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी खगोलीय घटना को बेहद करीब से देखा है। जिसने पूरी वैज्ञानिक दुनिया को रोमांचित कर दिया है। हमारी आकाशगंगा Milky Way के भीतर स्थित एक प्रसिद्ध सिस्टम Cygnus X-1 में एक विशाल ब्लैक होल अपने साथी सुपरजायंट तारे को धीरे-धीरे निगल रहा है।

नीला सुपरजायंट तारा सूर्य से लगभग 40 गुना बड़ा

यह सिस्टम पृथ्वी से लगभग 6,000–7,000 प्रकाश वर्ष दूर सिग्नस तारामंडल में स्थित है। इसमें मौजूद ब्लैक होल का द्रव्यमान हमारे सूर्य से करीब 21 गुना ज्यादा है, जबकि इसका पड़ोसी नीला सुपरजायंट तारा सूर्य से लगभग 40 गुना बड़ा है। दोनों एक-दूसरे की परिक्रमा करते हुए एक खतरनाक खगोलीय नृत्य में बंधे हैं।

अभिवृद्धि डिस्क क्या होता है?

वैज्ञानिकों के अनुसार, ब्लैक होल तारे को एक ही बार में नहीं निगलता, बल्कि उसकी बाहरी परतों से गैस और पदार्थ को अपनी ओर खींचता है। यह पदार्थ ब्लैक होल के चारों ओर घूमते हुए एक चमकदार संरचना बनाता है, जिसे अभिवृद्धि डिस्क कहा जाता है। इस डिस्क में तापमान लाखों डिग्री तक पहुंच जाता है, जिससे तीव्र एक्स-रे विकिरण उत्पन्न होता है।

ब्लैक होल की ऊर्जा 10,000 सूर्यों के बराबर

इस घटना का सबसे रहस्यमयी पहलू है डांसिंग जेट्स। ब्लैक होल न केवल पदार्थ को निगल रहा है, बल्कि अत्यधिक ऊर्जा के साथ गैस की तेज धाराएं भी अंतरिक्ष में फेंक रहा है। ये जेट्स मुड़ते और हिलते हुए दिखाई देते हैं और इनकी गति प्रकाश की आधी रफ्तार तक पहुंच सकती है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इनकी ऊर्जा लगभग 10,000 सूर्यों के बराबर है।

ब्लैक होल केवल विनाशकारी नहीं

यह खोज इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार वैज्ञानिक ब्लैक होल के व्यवहार और ऊर्जा उत्सर्जन को इतनी सटीकता से माप पाए हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि ब्लैक होल केवल विनाशकारी नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन शक्तिशाली जेट्स का असर दूर-दूर तक पड़ सकता है। ये अंतरिक्ष में गैस और धूल को प्रभावित कर नए तारों के निर्माण को बदल सकते हैं और यहां तक कि पूरी आकाशगंगा की संरचना पर असर डाल सकते हैं।

 Written By: Geeta Sharma