नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने ओलंपिक पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार की वर्ष 2021 के सागर धनखड़ हत्याकांड में दायर नियमित जमानत याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार है।

नियमित जमानत की याचिका खारिज

सुशील कुमार ने अपने वकील साहिल मलिक के माध्यम से हाईकोर्ट में नियमित जमानत की याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि मामले की परिस्थितियां अब बदल चुकी हैं, क्योंकि अभियोजन पक्ष के सभी प्रमुख गवाहों के बयान रोहिणी कोर्ट में दर्ज किए जा चुके हैं।

इससे पहले 6 फरवरी को रोहिणी कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। ट्रायल कोर्ट में मृतक सागर धनखड़ के पिता की ओर से अधिवक्ता जोशिनी तुली ने जमानत का विरोध किया था।

गौरतलब है कि मार्च 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने सुशील कुमार को नियमित जमानत दी थी, लेकिन 13 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने यह जमानत रद्द कर दी थी। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि उस समय मामले के कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान अभी बाकी थे। इसके बाद सुशील कुमार ने 20 अगस्त 2025 को आत्मसमर्पण कर दिया था।

हाईकोर्ट में दायर नई याचिका में सुशील कुमार की ओर से कहा गया कि अब सभी महत्वपूर्ण सार्वजनिक गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, इसलिए उनके द्वारा गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। यह भी दलील दी गई कि सुप्रीम कोर्ट ने परिस्थितियों में बदलाव होने पर नई जमानत याचिका दायर करने की अनुमति दी थी।

42 गवाहों के बयान दर्ज

याचिका के अनुसार, इस मामले में अभियोजन पक्ष के कुल 222 गवाह हैं, जिनमें से 42 महत्वपूर्ण सार्वजनिक गवाहों, जिनमें घायल व्यक्ति भी शामिल हैं, के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। फिलहाल मामला अभियोजन साक्ष्य दर्ज करने के चरण में है।

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि सुशील कुमार को लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं है। उनका दावा था कि जेल में लगातार रहने से उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मई 2021 का है मामला

यह मामला 4 और 5 मई 2021 की दरम्यानी रात का है। आरोप है कि जय भगवान उर्फ सोनू, सागर धनखड़, रविंदर उर्फ बिंदा, भगत उर्फ भगतु और अमित कुमार उर्फ खगड़ को शालीमार बाग और मॉडल टाउन इलाके से कथित तौर पर अगवा कर दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में ले जाया गया, जहां सुशील कुमार और उनके साथियों ने उनकी कथित रूप से पिटाई की। गंभीर रूप से घायल सागर धनखड़ की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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सुशील कुमार को वर्ष 2005 में अर्जुन पुरस्कार, 2009 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार और 2011 में पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।

Written By: Pradeep Singh