कई लोग सालों तक महंगे फेसवॉश, क्रीम और स्किन ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करते रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद पिंपल्स, खुजली और अन्य त्वचा समस्याएं बार-बार लौट आती हैं। अक्सर इन्हें सिर्फ स्किन की समस्या माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसकी जड़ शरीर के अंदर, खासकर पेट और पाचन तंत्र में भी हो सकती है। आज के समय में स्किन, डाइजेशन, हार्मोन और इम्यून सिस्टम एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। इस संबंध को साइंटिस्ट “गट-स्किन एक्सिस” कहते हैं, जो आंतों और त्वचा के बीच लगातार संवाद बनाए रखता है।
स्किन की स्थिति किस चीज पर निर्भर?
स्किन विशेषज्ञ के अनुसार, त्वचा की सेहत काफी हद तक आंतों की स्थिति पर निर्भर करती है। आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीवों का असंतुलन शरीर में सूजन, हार्मोनल बदलाव और कई स्किन समस्याओं को बढ़ा सकता है। इसी तरह यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च भी बताती है कि गट बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने पर एक्ने, एक्जिमा, रोजेशिया और सोरायसिस जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
जाने कैसे करें उपाय
मेडिकल विशेषज्ञ के मुताबिक, अनहेल्दी लाइफस्टाइल, ज्यादा चीनी और फास्ट फूड, तनाव, खराब नींद और बार-बार एंटीबायोटिक का इस्तेमाल आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को नुकसान पहुंचाता है, जिसका असर धीरे-धीरे त्वचा पर दिखने लगता है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बाहरी स्किन केयर काफी नहीं है। बेहतर त्वचा के लिए संतुलित आहार, फाइबर युक्त भोजन, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और प्रोबायोटिक फूड जैसे दही, किमची और केफिर का सेवन गट हेल्थ को सुधारने में मदद कर सकता है, जिससे त्वचा भी स्वस्थ रहती है।
Written By: Archana Gupta