वैज्ञानिकों ने उत्तरी सागर के नीचे मौजूद विशाल गड्ढे (क्रेटर) की उत्पत्ति को लेकर एक अहम खोज का दावा किया है, उनके अनुसार यह क्रेटर लगभग 43–46 मिलियन वर्ष पहले किसी एस्टेरॉयड या धूमकेतु के टकराने से बना था। इस टक्कर के कारण एक भयंकर सुनामी पैदा हुई, जिसकी लहरें लगभग 100 मीटर तक ऊंची थीं। अगर यह निष्कर्ष पूरी तरह प्रमाणित होता है, तो दशकों से अनसुलझे सिल्वरपिट क्रेटर के रहस्य पर से पर्दा उठ जाएगा। यह क्रेटर North Sea की तलहटी में स्थित है।
करीब 96 मीटर ऊंचा है क्रेटर
रिसर्च के मुताबिक, यह क्रेटर यूके के यॉर्कशायर तट से करीब 80 मील दूर, समुद्र तल से लगभग 700 मीटर नीचे स्थित Silverpit Crater में बना। वैज्ञानिकों का मानना है कि लगभग 160 मीटर चौड़ा एस्टेरॉयड समुद्र तल से टकराया, जिससे एक मेगा-सुनामी उत्पन्न हुई। इसकी ऊंचाई लंदन के प्रसिद्ध Big Ben से भी अधिक थी, जो करीब 96 मीटर ऊंचा है।
रिसर्च में ये बात आई सामने
एडिनबर्ग की Heriot-Watt University के डॉ. उइसडीन निकोलसन के नेतृत्व में, Natural Environment Research Council (NERC) के सहयोग से यह अध्ययन किया गया। शोध में पाया गया कि एस्टेरॉयड के टकराने के कुछ ही मिनटों में चट्टानों और पानी की लगभग 1.5 किलोमीटर ऊंची दीवार बनी, जो बाद में ढहकर समुद्र में समा गई। इसी प्रक्रिया से विशाल सुनामी उत्पन्न हुई और समुद्र तल पर क्रेटर बन गया।
सिल्वरपिट क्रेटर वास्तव में हैं इम्पैक्ट क्रेटर
वैज्ञानिकों ने अध्ययन के दौरान अत्याधुनिक ‘सीस्मिक इमेजिंग’ तकनीक का उपयोग किया और समुद्र में मौजूद एक तेल कुएं से नमूने एकत्र किए। इन नमूनों में ‘शॉक्ड क्वार्ट्ज’ और ‘फेल्डस्पार’ जैसे दुर्लभ खनिज पाए गए, जो केवल एस्टेरॉयड टक्कर जैसी अत्यधिक दबाव वाली घटनाओं में ही बनते हैं। डॉ. निकोलसन के अनुसार, इन सूक्ष्म क्रिस्टलों की संरचना इस बात का मजबूत प्रमाण है कि सिल्वरपिट क्रेटर वास्तव में एक इम्पैक्ट क्रेटर है, जो किसी विशाल खगोलीय पिंड के टकराने से बना था।
Written By Toshi Shah