Love Hormone Science:  क्या प्यार सिर्फ दिल की भावना है, या दिमाग में मौजूद एक केमिकल रिएक्शन? इस सवाल का जवाब खोजते-खोजते वैज्ञानिक अब एक ऐसी तकनीक तक पहुंच गए हैं,जो भविष्य में इंसानी भावनाओं को समझने का तरीका पूरी तरह बदल सकती है। बता दें, क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक खास 'लाइट स्विच' तकनीक विकसित की है, जो 'लव हार्मोन' ऑक्सीटोसिन को नियंत्रित कर सकती है।

'फोटोकेजिंग' पर आधारित तकनीक

यह तकनीक 'फोटोकेजिंग' पर आधारित है। इसमें वैज्ञानिक ऑक्सीटोसिन हार्मोन के साथ एक लाइट-सेंसिटिव केमिकल जोड़ देते हैं, जिससे यह हार्मोन अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो जाता है। यानी हार्मोन दिमाग में मौजूद रहता है, लेकिन काम नहीं करता। जैसे ही इस पर एक खास वेवलेंथ की लेजर लाइट डाली जाती है, यह केमिकल 'पिंजरा' टूट जाता है और ऑक्सीटोसिन तुरंत सक्रिय हो जाता है।

नई तकनीक से दिमाग में एक्टिव होगे ऑक्सीटोसिन

इस खोज की सबसे बड़ी खासियत इसकी सटीकता है। पहले वैज्ञानिक यह नहीं समझ पाते थे कि दिमाग का कौन सा हिस्सा किस भावना के लिए जिम्मेदार है, क्योंकि ऑक्सीटोसिन पूरे ब्रेन में फैल जाता है। लेकिन अब इस नई तकनीक से दिमाग के किसी एक खास हिस्से में ही हार्मोन को एक्टिव किया जा सकता है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि प्यार, भरोसा और लगाव जैसी भावनाएं किस स्तर पर और कैसे पैदा होती हैं।

ऑक्सीटोसिन का क्या मतलब होता है?

ऑक्सीटोसिन को 'लव हार्मोन' कहा जाता है क्योंकि यह रिश्तों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है—चाहे वह रोमांटिक संबंध हों, दोस्ती हो या मां और बच्चे का जुड़ाव। इस नई तकनीक से इन भावनाओं के पीछे छिपे न्यूरोलॉजिकल मैकेनिज्म को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

भावनाओं पर कंट्रोल

इस रिसर्च का असर सिर्फ रिश्तों तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऑक्सीटोसिन के सिग्नल में गड़बड़ी ऑटिज्म, डिप्रेशन, एंग्जायटी और सिजोफ्रेनिया जैसी मानसिक समस्याओं से जुड़ी हो सकती है। ऐसे में भविष्य में ऐसी दवाएं विकसित की जा सकती हैं, जो पूरे दिमाग पर असर करने के बजाय सिर्फ प्रभावित हिस्से को टारगेट करेंगी। इससे इलाज ज्यादा सटीक और साइड इफेक्ट्स कम होंगे। हालांकि यह तकनीक अभी शुरुआती चरण में है और इसे भावनाओं को कंट्रोल करने वाला जादुई बटन नहीं कहा जा सकता। लेकिन इतना तय है कि यह इंसानी भावनाओं के विज्ञान को समझने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

Written By: Geeta Sharma