राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उत्तर प्रदेश के 3 दिवसीय दौरे पर हैं। आज द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के अपने दौरे के दूसरे दिन संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और उनके साथ आध्यात्मिक चर्चा भी की। आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के परिकरों और शिष्यों द्वारा राष्ट्रपति का भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। इस मौक पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और प्रेमानंद महाराज के बीच एकांतिक वार्तालाप हुआ। वहीं अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति आज वृंदावन में बाबा नीम करोली की समाधि पर भी जाएंगी और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी। इसके साथ ही वह वृंदावन में उड़िया बाबा आश्रम और देवनाल कुंड भी जाएंगी।

कड़ी सुरक्षा के बीच राष्ट्रपति ने की संत प्रेमानंद से मुलाकात

मिली जानकारी के अनुसार द्रौपदी मुर्मू और संत प्रेमानंद महाराज के बीच मुख्य रूप से अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की गई। साथ ही राष्ट्रपति ने प्रेमानंद महाराज के सरल जीवन और उनके आध्यात्मिक उपदेशों के प्रति श्रद्धा प्रकट की। कड़ी सुरक्षा के बीच हुई इस शिष्टाचार भेंट के दौरान आश्रम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने प्रेमानंद महाराज को दी जन्मदिन की शुभकामनांए

राष्ट्रपति मुर्मू ने मथुरा के मंदिरों में पूजा-अर्चना की और कई अन्य कार्यक्रमों में भाग लिया। राष्ट्रपति ने राधा केलि कुंज स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में संत के प्रवचन सुने। बताया जा रहा यह सप्ताह इसलिए भी विशेष है क्योंकि गुरुवार को संत प्रेमानंद जी महाराज का जन्मदिन था। वहीं आश्रम में राष्ट्रपति ने संत से आध्यात्मिक चर्चा की और उन्हें हाथ जोड़कर प्रणाम किया। साथ ही संत प्रेमानंद ने प्रसन्न मुद्रा में 'राधे-राधे' कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद महाराज को जन्मदिन की बधाई भी दी।

द्रौपदी मुर्मू ने राम मंदिर में किए दर्शन

ऐसी जानकारी है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इससे पहले गुरुवार को अयोध्या में राम मंदिर गईं। उन्होंने विशेष धार्मिक समारोहों के तहत 150 किलोग्राम सोने से जड़ित श्री राम यंत्र की स्थापना की। राष्ट्रपति के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर किया। पोस्ट में लिखा गया कि, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पवित्र अयोध्या धाम में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा की।" उन्होंने रामलला मंदिर में दर्शन और आरती की तथा प्रभु रामलला से सबकी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।''

 Writen By: Geeta Sharma