चैत्र नवरात्र का पावन पर्व आज यानी 19 मार्च से शुरू हो चुका है। बता दें कि इस दौरान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है, साथ ही देश के अलग-अलग हिस्सों में उगादी, गुड़ी पड़वा, चेटी चांद, नवरेह और सादिबुचेरो जैसे नव वर्ष और सांस्कृतिक त्योहार भी मनाए जाते हैं। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

राष्ट्रपति ने दी शुभकामनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि “चैत्र शुक्लादि, उगादी, गुड़ी पड़वा, चेती चांद, नवरेह और सादिबुचेरोबा के शुभ अवसर पर, मैं देश-विदेश में रहने वाले सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। नव वर्ष के आगमन पर मनाए जाने वाले ये पर्व भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और प्रकृति के साथ हमारे गहरे संबंध के प्रतीक हैं। उत्सव नई आशाओं, नए संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। हमारी संस्कृति के वाहक ये पर्व मिलकर खुशियां बांटने की हमारी गौरवशाली परंपरा को भी दर्शाते हैं। मैं कामना करती हूं कि ये सभी त्यौहार भारत के विभिन्न समुदायों को प्रेम, सौहार्द और स्नेह के बंधन में बांधें और सभी के लिए खुशहाली तथा सुख-समृद्धि लेकर आएं।”

सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पीएम मोदी ने दिया शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि नवरात्रि का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, सौभाग्य और समृद्धि लेकर आए, उन्होंने लिखा कि शक्ति की आराधना का यह दिव्य अवसर हर किसी के लिए सकारात्मक ऊर्जा और कल्याण का संदेश लेकर आए।

मां दुर्गा के आशीर्वाद से नई ऊर्जा की कामना

पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि मां दुर्गा की कृपा से देश के विकास के संकल्प को भी नई शक्ति मिले, उन्होंने ‘जय अंबे जगदंबे मां’ का उद्घोष करते हुए देशवासियों के सुखद भविष्य की कामना की।

देवी शैलपुत्री की पूजा का किया उल्लेख

एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने नवरात्रि के प्रथम दिन पूजित देवी शैलपुत्री का उल्लेख किया, उन्होंने कहा कि देवी शैलपुत्री के आशीर्वाद से जीवन में संयम, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

संस्कृत सुभाषित के माध्यम से श्रद्धा व्यक्त

प्रधानमंत्री ने संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए लिखा—“वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।” इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि देवी शैलपुत्री भक्तों की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाली हैं और उनके आशीर्वाद से जीवन में सफलता और संतुलन आता है।

नव संवत्सर पर दी नई शुरुआत की शुभकामनाएं

नव संवत्सर के अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को अनंत शुभकामनाएं दीं, उन्होंने कहा कि नया वर्ष सभी के जीवन में साहस, आत्मविश्वास और सेवा भावना को मजबूत करे, जिससे राष्ट्र निर्माण को भी नई दिशा मिले।

गुड़ी पड़वा पर भी दी बधाई

गुड़ी पड़वा के अवसर पर पीएम मोदी ने इसे नए वर्ष के आगमन का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पर्व नई ऊर्जा, आशा और अवसरों का संदेश देता है, उन्होंने कामना की कि आने वाला वर्ष सभी के लिए खुशियों, सफलता और उत्तम स्वास्थ्य से भरा हो और हर व्यक्ति को अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे।

Written By Toshi Shah