OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) का एक सोशल मीडिया पोस्ट इस समय काफी चर्चा में है। बता दें कि इस पोस्ट में उन्होंने कोडर्स और डेवलपर्स को संबोधित करते हुए सभी को “अलविदा” कहा है। सैम का यह संदेश तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया की ओर इशारा करता है और दिखाता है कि कैसे AI ने डेवलपर्स के काम को पूरी तरह प्रभावित किया है। पहले जहां किसी सॉफ्टवेयर को तैयार करने में घंटों या दिनों लगते थे, अब AI मिनटों में वही कोड लिख सकता है। वह न केवल कोड तैयार करता है बल्कि उसमें मौजूद बग्स भी खुद ही ठीक कर देता है।इस वजह से सैम ऑल्टमैन का यह पोस्ट टेक इंडस्ट्री और डेवलपर्स के बीच काफी महत्वपूर्ण और चर्चा का विषय बन गया है।
CEO सैम ऑल्टमैन का X पोस्ट
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन का X पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में उन्होंने कोडिंग करने वाले पेशेवरों का धन्यवाद किया है। पोस्ट में लिखा है जैसे वे कोडर्स को “अलविदा” कह रहे हों, क्योंकि AI अब कोडिंग मिनटों में कर सकता है और कई कामों को स्वचालित कर देता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि डेवलपर्स की बिल्कुल जरूरत खत्म हो गई है, लेकिन कोडर्स की संख्या और भूमिका बदल सकती है। सैम ऑल्टमैन ने अपने पोस्ट में लिखा:"मैं उन सभी लोगों का बहुत आभारी हूं जिन्होंने बेहद जटिल सॉफ्टवेयर को एक-एक अक्षर करके लिखा। अब यह याद करना भी मुश्किल लग रहा है कि इसमें असल में कितनी गहन कोशिश की गई होगी। हमें इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए धन्यवाद।"
I have so much gratitude to people who wrote extremely complex software character-by-character. It already feels difficult to remember how much effort it really took.
— Sam Altman (@sama) March 17, 2026
Thank you for getting us to this point.
यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब AI टूल्स कुछ ही सेकंड में कोड लिख सकते हैं, एरर ठीक कर सकते हैं और प्रोग्राम के स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के सुझाव भी दे सकते हैं, जिससे डेवलपर्स के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
'नौकरी खतरे में नहीं, काम का तरीका बदल रहा है'
AI के कोडिंग में प्रवेश ने कोडर्स के बीच चिंता बढ़ा दी है कि क्या आने वाले समय में उनकी नौकरियाँ खतरे में पड़ जाएँगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, कोडर्स की नौकरियाँ निश्चित रूप से प्रभावित होंगी, लेकिन इंसानों की ज़रूरत हमेशा बनी रहेगी। AI पूरी तरह से डेवलपर्स को हटाने में सक्षम नहीं है। टेक्नोलॉजी नौकरियों को खत्म नहीं कर रही है, बल्कि उन्हें तेजी से विकसित करने में मदद कर रही है। AI ने रूटीन कोडिंग को कई गुना तेज कर दिया है, जिससे उत्पादन बढ़ा है, लेकिन इंसानों की जगह पूरी तरह नहीं ले सकता। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर, बड़े सिस्टम से बग निकालना, नैतिक मूल्यों का पालन, इंटीग्रेशन और असली इनोवेशन जैसे काम में इंसानों की अहम भूमिका हमेशा बनी रहेगी।
Written By - Namita Verma