आज के समय में एस्केलेटर यानी स्वचालित सीढ़ियां हमारे रोजमर्रा के जीवन का अहम हिस्सा बन गई हैं। मेट्रो स्टेशन, मॉल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर लोग आसानी से ऊपर-नीचे जाने के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। यह न सिर्फ हमारी सुविधा बढ़ाते हैं, बल्कि समय और मेहनत दोनों की बचत भी करते हैं।

ब्रश जैसी पट्टियां का क्या काम

हालांकि, आपने अक्सर देखा होगा कि एस्केलेटर के दोनों किनारों पर काले रंग की ब्रश जैसी पट्टियां लगी होती हैं। बहुत से लोग इन्हें देखकर गलती से अपने जूते साफ करने लगते हैं, यह समझकर कि ये सफाई के लिए बनाए गए हैं। लेकिन यह एक आम गलतफहमी है, क्योंकि इनका जूते साफ करने से कोई संबंध नहीं होता।

सुरक्षा सुनिश्चित करना है काम

असल में, इन ब्रशों को “स्कर्ट ब्रश” या “स्कर्ट गार्ड” कहा जाता है। इनका मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। एस्केलेटर के चलते समय उसके स्टेप्स और साइड पैनल के बीच एक छोटा सा गैप होता है। अगर किसी का पैर, कपड़ा या कोई वस्तु इस जगह में फंस जाए, तो दुर्घटना हो सकती है। इसी खतरे को रोकने के लिए ये ब्रश लगाए जाते हैं। ये व्यक्ति को किनारे से थोड़ा दूर रखने में मदद करते हैं और जब कोई बहुत पास आ जाता है तो हल्का स्पर्श देकर सतर्क भी करते हैं। इससे लोग अनजाने में उस खतरनाक गैप के करीब नहीं जाते।

ये ब्रश बेहद महत्वपूर्ण

ये ब्रश ढीले कपड़ों जैसे साड़ी, दुपट्टा या धोती, जूते के फीते और अन्य चीजों को एस्केलेटर में फंसने से रोकते हैं। साथ ही, छोटे सामान जैसे सिक्के या चाबियां भी मशीन के अंदर गिरने से बच जाते हैं। भले ही ये साधारण दिखते हों, लेकिन इनका काम बेहद महत्वपूर्ण और सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए अगली बार जब आप एस्केलेटर का इस्तेमाल करें, तो इनका सही उद्देश्य समझें और इन्हें जूते साफ करने के लिए इस्तेमाल करने से बचें।

 

Written By Toshi Shah