डिजिटल युग ने शादी और रिश्तों की पारंपरिक परिभाषा को बदलना शुरू कर दिया है। पहले जहां विवाह को स्थायित्व और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता था, वहीं अब लोग अपनी भावनात्मक और व्यक्तिगत जरूरतों को नए तरीकों से समझने लगे हैं। एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप्स की बढ़ती लोकप्रियता इसी बदलाव का संकेत देती है।

एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप पर महिलाएं ज्यादा एक्टिव

एक एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप Gleeden ने हाल ही में 4 मिलियन यूजर्स का आंकड़ा पार किया है। Gleeden जैसे प्लेटफॉर्म पर लाखों यूजर्स का जुड़ना दिखाता है कि लोग शादी के बाहर भी भावनात्मक या रोमांचक अनुभव तलाश रहे हैं। पहले ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर पुरुषों की संख्या अधिक थी, लेकिन अब महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि महिलाएं भी अब अपनी इच्छाओं और भावनाओं को लेकर ज्यादा खुलकर सोच रही हैं।

शादी से बाहर भी चाहती हैं भावनात्मक जुड़ाव

आज की महिलाएं केवल पारंपरिक भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। वे शादी में स्थिरता और सुरक्षा चाहती हैं, लेकिन साथ ही भावनात्मक जुड़ाव और उत्साह की भी तलाश करती हैं। यह ट्रेंड खासतौर पर बड़े शहरों जैसे बेंगलुरु और मुंबई में ज्यादा देखने को मिलता है, हालांकि छोटे शहर भी अब इससे अछूते नहीं हैं।

सर्वे में ये बात आई सामने

सर्वे बताते हैं कि अफेयर के पीछे हमेशा गलत इरादे नहीं होते। कई बार काम का दबाव, समय की कमी और निजी जिंदगी में खालीपन लोगों को ऐसे प्लेटफॉर्म्स की ओर खींचता है। डिजिटल दुनिया उन्हें एक ऐसा माध्यम देती है जहां वे थोड़ी राहत या नया अनुभव पा सकें।

पुरुष और महिलाएं बराबर की हिस्सेदारी

एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब पुरुष और महिलाएं दोनों ही शादी के बाहर रिश्तों में लगभग बराबर शामिल हो रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि समाज में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और भावनात्मक जरूरतों को लेकर सोच बदल रही है।

इसके पीछे की बढ़ी वजह है इंटरनेट

सोशल मीडिया और इंटरनेट ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है। ऑनलाइन बातचीत और गोपनीयता के कारण लोग बिना ज्यादा जोखिम के नए रिश्ते बना पाते हैं। हालांकि, यह बदलाव आधुनिक शादी के लिए चुनौती भी बन रहा है। रिश्तों में विश्वास और स्थिरता पर इसका असर पड़ सकता है।

 

  Written By Toshi Shah