नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि वह जारी मानसून सत्र के दौरान संसद में नहीं आ रहे हैं, क्योंकि वे छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर “गलत काम के दोषी” हैं।

गृह मंत्री छात्रों के गुनहगार हैं

राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “देश के गृह मंत्री अपना चेहरा छिपा रहे हैं क्योंकि वह छात्रों के साथ किए गए गलत काम के दोषी हैं।”

विपक्ष लगातार दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठा रहा है। यह मामला 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च से जुड़ा है।

लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

बुधवार को भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद हंगामे के चलते दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के संसद में आकर इस मुद्दे पर बयान देने की मांग कर रहे हैं।

पीएम और गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से सदन में आकर बयान देने की मांग दोहराई।

खरगे ने कहा, “हम मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह सदन में आएं और अपना बयान दें। हम चर्चा के लिए तैयार हैं। समाधान केवल चर्चा से ही निकलेगा।”

उन्होंने कहा कि संसद का सत्र शुरू हुए कई दिन हो चुके हैं और प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री का सदन में नहीं आना संसद का अपमान है।

इससे पहले कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने भी जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर कथित बल प्रयोग और पैलेट चलाए जाने को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब देने की मांग की थी।

हुसैन ने कहा कि गृह मंत्री को छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के अलावा अयोध्या में राम मंदिर को दिए गए चंदे में कथित गड़बड़ी और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर भी जवाब देना चाहिए।

विपक्षी सांसदों का संसद परिसर में प्रदर्शन

विपक्षी सांसदों ने बुधवार को संसद परिसर में प्रदर्शन भी किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसद गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक मार्च करते हुए नजर आए। प्रदर्शन के दौरान अमित शाह के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और अन्य मुद्दों को लेकर विरोध जताया गया।

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विपक्ष का कहना है कि सरकार को इन मुद्दों पर संसद में चर्चा करनी चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर जवाब देना चाहिए।

Weitten By: Pradeep Singh