पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अक्सर परिवार के बड़े-बुजुर्गों से कई तरह की सलाह मिलती है। इनमें सबसे आम धारणा यह है कि पीरियड्स के पहले दिन बाल नहीं धोने चाहिए, क्योंकि इससे ब्लीडिंग बढ़ सकती है या दर्द अधिक हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस मान्यता का समर्थन करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

हार्मोनल बदलाव का शरीर पर असर

डॉक्टरो के अनुसार, पीरियड्स के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर कम हो जाता है। इसी दौरान गर्भाशय की अंदरूनी परत बाहर निकलती है, जिससे मासिक धर्म की ब्लीडिंग होती है। इन हार्मोनल बदलावों के कारण कुछ महिलाओं को ऐंठन, थकान, शरीर के तापमान में हल्के बदलाव और स्कैल्प में संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। साथ ही, बाल सामान्य दिनों की तुलना में अधिक ऑयली भी लग सकते हैं। हालांकि, ये बदलाव सामान्य शारीरिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

क्या बाल धोने से ब्लीडिंग बढ़ती है?

डॉक्टरों के अनुसार, बाल धोने और पीरियड्स की ब्लीडिंग के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। मासिक धर्म के दौरान होने वाली ब्लीडिंग पूरी तरह हार्मोनल बदलाव और गर्भाशय की प्राकृतिक प्रक्रिया से नियंत्रित होती है। इसलिए बाल धोने, नहाने या सिर पर पानी डालने से न तो ब्लीडिंग बढ़ती है और न ही कम होती है। हालांकि, बहुत ठंडे पानी से सिर धोने पर कुछ महिलाओं को अस्थायी रूप से ठंड अधिक लग सकती है। जिससे सिरदर्द, हल्की कंपकंपी या ऐंठन थोड़ी बढ़ी हुई महसूस हो सकती है, लेकिन इसका पीरियड्स की प्रक्रिया या ब्लीडिंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

पीरियड्स के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। बाल धोने से स्कैल्प पर जमा अतिरिक्त तेल और गंदगी साफ होती है, जिससे ताजगी महसूस होती है और मूड भी बेहतर हो सकता है। यदि इस दौरान थकान या कमजोरी अधिक महसूस हो रही हो, तो लंबे समय तक खड़े रहकर बाल धोने से बचें। विशेषज्ञ गुनगुने पानी से बाल धोने, माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल करने और बालों को अच्छी तरह सुखाने की सलाह देते हैं, ताकि असहजता या ठंड लगने की संभावना कम रहे।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि पीरियड्स के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग हो, तेज दर्द बना रहे, बार-बार चक्कर आए, लगातार कमजोरी महसूस हो या हर महीने असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो इन्हें बाल धोने से जोड़ने के बजाय तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

 

 

Written By: Archana Gupta