महाराष्ट्र के सतारा जिले का छोटा सा गांव मान्याचीवाड़ी आज पूरे देश के लिए मिसाल बन चुका है। जहां एक ओर भारत के कई गांव और शहर बिजली कटौती, महंगे बिल और लोडशेडिंग जैसी समस्याओं से परेशान हैं, वहीं यह गांव ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहा है। मात्र 420 की आबादी वाला यह गांव महाराष्ट्र का पहला 100 प्रतिशत सोलर पावर्ड गांव बन गया है। यहां हर घर में बिजली उपलब्ध है और लोगों को लगभग शून्य बिजली बिल का लाभ मिल रहा है।
गांव में एसी, कूलर, टीवी और फ्रिज जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद
पाटन तहसील में स्थित इस गांव में कुल 102 घर हैं और हर घर की छत पर सोलर पैनल लगाए गए हैं। इन रूफटॉप सोलर सिस्टम्स से गांव की पूरी बिजली जरूरत पूरी होती है। घरों के अलावा स्कूल, ग्राम पंचायत कार्यालय, आंगनवाड़ी, स्ट्रीट लाइट, पानी सप्लाई व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे भी सौर ऊर्जा से संचालित होते हैं। गांव में एसी, कूलर, टीवी और फ्रिज जैसी आधुनिक सुविधाएं बिना किसी बिजली संकट के चल रही हैं।
महिलाओं ने किया गांव में बदलाव
कुछ वर्ष पहले तक यहां भी लगातार बिजली कटौती होती थी। इससे परेशान होकर गांव की महिलाओं ने बदलाव की पहल की। ग्राम पंचायत और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की मदद से गांव के हर घर पर सोलर पैनल लगाए गए। धीरे-धीरे गांव पूरी तरह स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित हो गया। आज यह गांव केवल अपनी जरूरतें पूरी नहीं कर रहा, बल्कि टिकाऊ विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी गांव के इस मॉडल की सराहना की है।
समग्र विकास मॉडल की वजह से भी चर्चा में है मान्याचीवाड़ी
मान्याचीवाड़ी केवल सोलर ऊर्जा के कारण ही नहीं, बल्कि अपने समग्र विकास मॉडल की वजह से भी चर्चा में है। वर्ष 2001 में ग्राम पंचायत बनने के बाद गांव को अब तक 76 पुरस्कार मिल चुके हैं। यहां पशुओं की देखभाल के लिए विशेष ग्रूमिंग सेंटर बनाया गया है। स्वच्छता बनाए रखने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर वॉश बेसिन लगाए गए हैं ताकि लोग कहीं भी गुटखा या पान थूकने के बजाय वहीं सफाई कर सकें। लड़कियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें लगाई गई हैं। बच्चों के लिए आधुनिक पार्क बनाए गए हैं और पूरे गांव में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।
इन सभी बदलावों में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण
इसके अलावा गांव में वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और 24 घंटे स्वच्छ पानी की सप्लाई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इन सभी बदलावों में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही है। गांव की महिलाओं ने न केवल सोलर प्रोजेक्ट को सफल बनाया बल्कि स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अभियानों का नेतृत्व भी किया।
Written By Toshi Shah