आज के दौर में जहां ज़्यादातर कंपनियां कर्मचारियों से अधिकतम काम लेने पर ज़ोर देती हैं, वहीं एक भारतीय स्टार्टअप ने बिल्कुल अलग सोच अपनाई है। इस कंपनी में रोज़ाना काम के बीच एक घंटे का खास ‘ऑफिस पिकनिक’ ब्रेक रखा जाता है, जिसमें सभी कर्मचारी—चाहे वे किसी भी पद पर हों। एक साथ बैठकर खाना खाते हैं।
कोई अकेले नहीं खाता खाना
इस अनोखी पहल की शुरुआत कंपनी की फाउंडर काव्या कर्नाटक ने की है, उनकी कंपनी KK Create में हर दिन दोपहर 2 बजे जैसे ही समय होता है, सभी लोग अपना काम रोककर एक जगह इकट्ठा हो जाते हैं। यहां नियम साफ है। कोई भी अकेले खाना नहीं खाएगा। इस दौरान पद या हैसियत का कोई फर्क नहीं पड़ता। मैनेजर, सीनियर और नए कर्मचारी सभी एक साथ बैठते हैं। अगर जगह कम पड़ जाए, तो लोग कुर्सियां खींच लेते हैं, कोनों में बैठ जाते हैं या खड़े होकर भी इस समय का हिस्सा बनते हैं। फाउंडर के अनुसार, यह सिर्फ लंच ब्रेक नहीं बल्कि आपसी रिश्तों को मजबूत करने का समय है।
रोज खेलते हैं गेम
इस ‘ऑफिस पिकनिक’ में सिर्फ खाना ही नहीं होता, बल्कि हंसी-मजाक, खेल और बातचीत भी शामिल होती है। कोई अपना घर का बना खाना साझा करता है, तो कोई मजेदार किस्से सुनाता है। कई बार तो कर्मचारी ‘माफिया गेम’ जैसे गेम भी खेलने लगते हैं। कभी-कभी यह ब्रेक एक घंटे से ज्यादा लंबा हो जाता है और ऑफिस का माहौल किसी छोटे सेलिब्रेशन जैसा लगने लगता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये पहल
सोशल मीडिया पर इस पहल को खूब सराहा जा रहा है। कई लोगों का मानना है कि इस तरह की वर्क कल्चर से टीम मजबूत होती है और कर्मचारियों के बीच भरोसा बढ़ता है। हालांकि, कुछ लोगों ने यह भी सुझाव दिया कि ऐसी पॉलिसी में थोड़ी लचीलापन होना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति का काम करने का तरीका अलग होता है। यह उदाहरण दिखाता है कि एक अच्छी टीम सिर्फ नियमों और मीटिंग्स से नहीं बनती, बल्कि रोज़मर्रा के छोटे-छोटे पलों से बनती है। जब लोग एक-दूसरे के साथ सहज महसूस करते हैं, तो काम की गुणवत्ता भी अपने आप बेहतर हो जाती है।
Written By Toshi Shah