अक्सर आपने ध्यान दिया होगा कि गर्मी के मौसम में बड़े बुजुर्ग हमेशा ठंडा पानी पीने से रोकते है। उनके अनुसार ठंडा पानी से जुकाम हो जाएगा। औ यह बात बचपन से लेकर आज तक सुनते आए है। लेकिन क्या सच में ठंडा पानी पीने से जुकाम होता है यह सिर्फ एक पुरानी सोच है, या फिर जिसका असली कारण कुछ और है। आइए जानते हैं इस बारे में हेल्थ एक्सपर्ट क्या कहते है। 

हेल्थ एक्सपर्ट क्या कहते हैं?

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो सिर्फ ठंडा पानी पीने से जुकाम नहीं होता है। बल्कि जुकाम असल में एक वायरस की वजह से होने वाला इंफेक्शन है, जो हवा में मौजूद ड्रॉपलेट्स के जरिए एक इंसान से दूसरे इंसान तक फैलता है। साथ ही जब कोई जुकाम से पीड़ित व्यक्ति छींकता है, तो उसकी सांस के साथ निकलने वाले वायरस के कण हवा में फैल जाते हैं।

और यही वायरस के कण अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति उस सतह को छूकर अपने नाक या मुंह पर हाथ लगा लेता है, तो वायरस उसके शरीर में पहुंच जाता है। धीरे-धीरे जुकाम के लक्षण दिखने लगते हैं। कुलमिलाकर जुकाम होने की असली वजह वायरस का संक्रमण है, न कि ठंडा पानी पीना।

ठंडा पानी पीने से क्या होता है?

आपकी जानकारी के लिए बता दें,बहुत ज्यादा ठंडा पानी शरीर के लिए पूरी तरह फायदेमंद नहीं होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक ज्यादा ठंडा पानी पीने से गले की नसें अचानक सिकुड़ सकती हैं, जिससे कुछ लोगों को गले में हल्की जलन या खराश महसूस हो सकती है। इसके अलावा अगर शरीर गर्मी से बहुत तप रहा हो और उसी समय एकदम ठंडा पानी पी लिया जाए, तो शरीर का तापमान अचानक बदलने से इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है। साथ ही शरीर के लिए पहले से मौजूद वायरस या बैक्टीरिया से लड़ना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, जिससे जुकाम के लक्षण दिख सकते हैं।

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बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से बचा जाए और सामान्य या हल्का ठंडा पानी ही पिया जाए, ताकि शरीर को किसी तरह का झटका न लगे। जुकाम का असली कारण वायरस है, ठंडा पानी सीधे तौर पर इसकी वजह नहीं बनता। यह खबर जानकारी के लिए दी गई है। किसी भी चीज को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।

Written By: Geeta Sharma