नींद का मुख्य उद्देश्य शरीर को आराम देना और दिमाग में दिनभर की सूचनाओं को व्यवस्थित करना होता है। इस दौरान सपने देखना सामान्य है। कभी-कभी सपने स्पष्ट और यादगार होते हैं, तो कभी धुंधले और अजीब महसूस होते हैं। आम तौर पर, सपनों का प्रभाव केवल दिमाग तक ही सीमित रहता है, लेकिन कुछ लोगों के साथ ऐसा नहीं होता — उनके सपनों के दौरान शरीर भी सक्रिय हो जाता है। ऐसे व्यक्ति सोते समय चिल्लने लगते हैं, हाथ-पैर हिलाने लगते हैं या अचानक बिस्तर से उठ कर बैठ जाते हैं। पास में सो रहे लोग उनकी अचानक हुई हरकतों से हैरान हो जाते हैं। अक्सर सुबह ऐसे लोग बताते हैं कि उन्होंने किसी डरावने या अत्यंत जीवंत सपने का अनुभव किया।

विशेषज्ञों ने कही ये बात

बता दें कि विशेषज्ञ इसे रैपिड स्लीप बिहेवियर डिसऑर्डर (RBD) कहते हैं। यह नींद से जुड़ी दुर्लभ लेकिन गंभीर समस्या है, क्योंकि इसमें व्यक्ति सोते समय खुद या साथी को चोट पहुंचा सकता है। कुछ मामलों में यह न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। न्यूरोलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार के मुताबिक RBD में व्यक्ति अपने सपनों को शारीरिक हरकतों में बदल देता है। सामान्यत REM स्लीप के दौरान मांसपेशियां अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो जाती हैं, ताकि हम सपनों के अनुसार नहीं हिलें। RBD में यह सुरक्षा तंत्र ठीक से काम नहीं करता हैं।

REM स्लीप हैं सबसे गहरी स्लीप

बता दें कि नींद के कई चरण होते हैं, जिनमें REM स्लीप सबसे महत्वपूर्ण है। इस चरण में दिमाग अत्यधिक सक्रिय रहता है और अधिकतर सपने इसी दौरान आते हैं। सामान्य स्थिति में शरीर की मांसपेशियां अस्थायी निष्क्रिय होती हैं। RBD में यह सुरक्षा प्रणाली विफल हो जाती है, जिससे व्यक्ति सपनों के अनुसार हाथ-पैर हिलाने लगता है। इसके लक्षणों में रात में जोर से बोलना, चिल्लाना, हाथ-पैर मारना या अचानक उठ बैठना शामिल हो सकते हैं। कभी-कभी व्यक्ति सपने में भागते या खुद को बचाते हुए महसूस करता है।

शोध में आई ये बात सामने

शोध के अनुसार, यह समस्या मुख्यत 50 साल से अधिक उम्र के पुरुषों में अधिक देखी जाती है, लेकिन किसी भी उम्र में हो सकती है। कुछ मामलों में यह पार्किंसंस जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से भी जुड़ी हो सकती है। डॉक्टर आमतौर पर पॉलिसोमनोग्राफी नामक टेस्ट करते हैं, जिसमें रात भर मस्तिष्क की गतिविधि, मांसपेशियों की हलचल और श्वास पैटर्न रिकॉर्ड किए जाते हैं। इलाज में मेलाटोनिन या क्लोनाजेपाम जैसी दवाएं और सोने के स्थान को सुरक्षित बनाना शामिल होता है।

  Written By Toshi Shah