Brij Bhushan Sharan Singh: महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ के आरोपों से जुड़े बहुचर्चित मामले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को सुनाए अपने फैसले में बृजभूषण शरण सिंह और उनके सहयोगी विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया।

स्पेशल जज अश्विनी पंवार ने बंद कमरे में यह फैसला सुनाया। इससे पहले अदालत ने 10 मई 2024 को बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा भंग करने के उद्देश्य से हमला या बल प्रयोग) और 354A (यौन उत्पीड़न) के तहत आरोप तय किए थे। फैसले से पहले बृजभूषण शरण सिंह राउज एवेन्यू कोर्ट पहुंचे थे। उन्होंने मीडिया से कहा था कि मैं सिर्फ वही सुनूंगा जो कोर्ट कहेगा। मेरे हाथ में कुछ भी नहीं है। इसके कुछ समय बाद अदालत ने उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया।

बृज भूषण शरण सिंह ने क्या कहा?
वहीं इस संबंध में बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि 18 जनवरी 2023 को मैंने कहा था कि ये एक षडयंत्र है। अगर मेरे ऊपर कोई आरोप सही पाया जाएगा तो मैं स्वत: फांसी पर लटक जाऊंगा। आज तक मैं उसी बात पर कायम रहा और आज लगभग 3 साल बाद कोर्ट ने मुझे और विनोद तोमर का बरी किया है। मैं 15-16 साल की उम्र से संघर्ष देख रहा हूं। मैं हमेशा जो कमजोर थे, जिनका हक मारा जाता था मैं उनके पक्ष में खड़ा होता था। मुझे अपने आप पर विश्वास था...मुझे पूरा विश्वास था कि मेरे साथ न्याय होगा। मेरे साथ न्याय हुआ। मैंने अपने आप को कभी अपराधी महसूस नहीं किया।

यह मामला उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब देश की कई महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विवाद के चलते 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने कैसरगंज सीट से उनका टिकट काट दिया था और उनकी जगह उनके बेटे करण भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया था, जिन्होंने चुनाव जीत लिया।

अब अदालत से राहत मिलने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या बृजभूषण शरण सिंह भविष्य में फिर सक्रिय चुनावी राजनीति में वापसी करेंगे। हालांकि, इस पर फिलहाल उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

और पढे़ं: BSP News: अशोक सिद्धार्थ के निष्कासन के बाद बसपा में बढ़ी अंदरूनी हलचल, आकाश आनंद की भूमिका पर उठे सवाल

'पालक' पद से हटाए गए भैयाजी जोशी? राम मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव के बीच नए चेहरे की तलाश 

Written by Shailesh Yadav