महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित एक सैन्य समारोह के दौरान अपनी मंगेतर को प्रपोज करने वाले युवा सेना अधिकारी कैप्टन भरत भारद्वाज अब चर्चा के साथ-साथ जांच के दायरे में भी आ गए हैं। हाल ही में आर्मी एविएशन की ट्रेनिंग पूरी करने वाले कैप्टन भरत ने पासिंग आउट परेड और दीक्षांत समारोह के बाद अपनी मंगेतर आरुषि को बेहद खास अंदाज में शादी के लिए प्रपोज किया था। इस भावुक पल का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।

मंगेतर को प्रपोज करते हुए भरत भारद्वाज का वीडियो वायरल

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैप्टन भरत अपनी मंगेतर को समारोह स्थल पर खड़े एक सैन्य हेलीकॉप्टर के पास लेकर जाते हैं। इसके बाद वह एक घुटने पर बैठकर उन्हें अंगूठी पहनाते हैं और शादी का प्रस्ताव रखते हैं। आरुषि ने भी मुस्कुराते हुए उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। इस दौरान वहां मौजूद परिवार के सदस्य,साथी अधिकारी और अन्य मेहमान इस खास पल के गवाह बने। प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया,जिस पर उपस्थित लोगों ने तालियों और जयकारों के साथ खुशी जाहिर की।

'सैन्य प्रतिष्ठानों को निजी उद्देश्यों के लिए उपयोग गलत'

हालांकि,यह रोमांटिक पल अब कैप्टन भरत के लिए मुश्किल का कारण बन गया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार,सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। सेना का मानना है कि व्यक्तिगत भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए,लेकिन सैन्य प्रतिष्ठानों,उपकरणों और आधिकारिक समारोहों का उपयोग निजी उद्देश्यों के लिए करना सेवा नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता।

अब तक औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई

सूत्रों का कहना है कि सेना में सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली निजी सामग्री के लिए सैन्य संसाधनों के उपयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश मौजूद हैं। ऐसे में हेलीकॉप्टर और प्रशिक्षण समारोह की पृष्ठभूमि में किए गए इस प्रस्ताव को नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि,अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि कैप्टन भरत द्वारा कोई गंभीर अपराध नहीं किया गया है और फिलहाल उनके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए निर्देश

बताया जा रहा है कि वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कैप्टन भरत को सेवा नियमों,अधिकारी-सुलभ आचरण और पेशेवर जिम्मेदारियों के बारे में उचित मार्गदर्शन दें। यह घटना एक बार फिर इस बहस को जन्म दे रही है कि सोशल मीडिया के दौर में व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और पेशेवर अनुशासन के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।

 

Written By: Geeta Sharma