देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब देशभर के स्कूलों में कक्षा 3 से ही बच्चों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बुनियादी समझ दी जाएगी। आपको बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए यह नया पाठ्यक्रम लॉन्च किया। इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री Jayant Chaudhary समेत शिक्षा मंत्रालय, CBSE और NCERT के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
अब सवाल यह है कि इस नए सिलेबस में क्या खास है, इसे कब से लागू किया जाएगा और इसके पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है ? इन्हीं पहलुओं को आगे विस्तार से समझेंगे।

नया सिलेबस कब से लागू किया जाएगा? जानें क्या है इसका मुख्य उद्देश्य
AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) पर आधारित नया सिलेबस शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को शुरुआती स्तर से ही तकनीक के प्रति सक्षम बनाना है, ताकि वे बदलती दुनिया की जरूरतों के साथ खुद को आसानी से ढाल सकें। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों में लॉजिकल थिंकिंग, समस्या समाधान और पैटर्न समझने जैसी महत्वपूर्ण क्षमताएं विकसित की जाएंगी, जिससे वे आगे चलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बेहतर ढंग से समझ सकें। यह सिलेबस New Education Policy और National Curriculum Framework के दिशा-निर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है। इसमें पहले कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की बुनियादी समझ दी जाएगी, जिसके बाद ऊंची कक्षाओं में AI को विस्तार से पढ़ाया जाएगा।

नए सिलेबस में क्या है खासियत
देशभर में कक्षा 3 से 8 तक के छात्रों के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित नया करिकुलम शुरू किया गया है। आइए जानते हैं कि इस नए पाठ्यक्रम में क्या खास है और यह किस तरह पढ़ाई के तरीके को बदलने वाला है।
- पढ़ाई का तरीका बदलेगा – रोचक और आसान लर्निंग पर जोर
- गेम और एक्टिविटी से सीखना – पजल और एक्टिविटी बेस्ड पढ़ाई
- समस्या समाधान स्किल – बड़े सवालों को छोटे हिस्सों में हल करना
- टीमवर्क पर फोकस – ग्रुप डिस्कशन को बढ़ावा
- परीक्षा पैटर्न में बदलाव – रटने की बजाय समझ पर जोर
- क्रिएटिविटी को प्राथमिकता – छात्रों की सोच और स्किल्स पर ध्यान
Written By - Namita Verma