समुद्र की अथाह गहराइयों में आज भी ऐसे अनेक जीव मौजूद हैं, जिनके बारे में इंसान बहुत कम जानता है। इन्हीं रहस्यमयी और अनोखे समुद्री जीवों में से एक है रेड-लिप्ड बैटफिश। पहली नजर में इस मछली को देखकर ऐसा लगता है मानो किसी ने इसके होंठों पर चमकदार लाल लिपस्टिक लगा दी हो। इसकी यही खासियत इसे दुनिया की सबसे विचित्र और आकर्षक मछलियों में शामिल करती है।

रेड-लिप्ड बैटफिश का वैज्ञानिक नाम 'Ogcocephalus darwini'

रेड-लिप्ड बैटफिश का वैज्ञानिक नाम 'Ogcocephalus darwini' है। यह मुख्य रूप से 'Galapagos Islands' के आसपास प्रशांत महासागर के समुद्री क्षेत्रों में पाई जाती है। इसका सिर चौड़ा और चपटा होता है, जो कुछ हद तक चमगादड़ जैसी आकृति का आभास देता है। इसी वजह से इसे बैटफिश कहा जाता है।

रेड-लिप्ड बैटफिश मछली की विशेषता

इस मछली की सबसे रोचक विशेषता यह है कि यह सामान्य मछलियों की तरह लगातार तैरती नहीं रहती। जहां अधिकांश मछलियां अपने पंखों की सहायता से पानी में तैरती हैं, वहीं रेड-लिप्ड बैटफिश समुद्र की तलहटी पर चलना पसंद करती है। इसके पेक्टोरल और पेल्विक फिन इतने मजबूत होते हैं कि वे छोटे पैरों की तरह काम करते हैं। इनकी मदद से यह समुद्र के फर्श पर धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और शिकार की तलाश करती है।

लाल होंठ साथी से संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्र की तलहटी पर चलने की यह आदत इसकी ऊर्जा बचाने में मदद करती है। यह आमतौर पर 20 से 40 मीटर की गहराई में पाई जाती है, हालांकि कुछ मामलों में इसे लगभग 100 मीटर की गहराई तक भी देखा गया है। कम रोशनी वाले वातावरण में इसके चमकीले लाल होंठ साथी को आकर्षित करने और आपसी संचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

रेड-लिप्ड बैटफिश के पास शिकार करने का अनोखा तरीका

रेड-लिप्ड बैटफिश के पास शिकार करने का भी एक अनोखा तरीका है। इसके सिर पर एक विशेष अंग होता है, जिसे इलिसियम कहा जाता है। यह एक प्राकृतिक "फिशिंग टूल" की तरह काम करता है। इसके सिरे पर मौजूद चारे जैसा हिस्सा छोटी मछलियों और अन्य समुद्री जीवों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जैसे ही शिकार नजदीक आता है, यह तेजी से उसे पकड़ लेती है।

बनावट और जीवनशैली बेहद अलग

लगभग 35 से 40 सेंटीमीटर लंबी यह मछली भूरा, नारंगी, गुलाबी या हल्का लाल रंग लिए होती है। शांत स्वभाव वाली यह अनोखी मछली समुद्री दुनिया की उन दुर्लभ प्रजातियों में शामिल है, जो अपनी बनावट और जीवनशैली से आज भी वैज्ञानिकों और प्रकृति प्रेमियों को हैरान करती हैं।

Written By: Geeta Sharma