अक्सर कहा जाता है कि दीवारों के भी कान होते हैं, लेकिन इस मामले में तो दीवारें नहीं, घर में मौजूद एक तोता ही सबसे बड़ा गवाह बन गया। एक महिला की बेहद बेरहमी से हत्या हुई थी, और पुलिस के पास शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं था। न कोई चश्मदीद मिला, न ही घर में जबरन घुसने के कोई संकेत। मामला इतना उलझा हुआ था कि जांच करने वाली टीम भी हैरान थी।
अफ्रीकी ग्रे तोता ने खोला राज
तभी कहानी में मोड़ आया घर में पाला गया एक अफ्रीकी ग्रे तोता लगातार एक ही नाम और कुछ वाक्य बार-बार दोहराने लगा। पहले तो परिजनों ने इसे महज़ आदत या तनाव समझा, लेकिन जब तोते की बोली में कुछ ऐसे शब्द सामने आए जो घटना वाली रात की बातचीत से मेल खाते थे, तो शक की दिशा बदल गई।
तोता ने लिया कातिल का नाम
तोता बार-बार एक ऐसे व्यक्ति का नाम ले रहा था, जो घर में अक्सर आता-जाता था। पुलिस ने इस सुराग को गंभीरता से लिया और उस व्यक्ति से पूछताछ शुरू की। जैसे-जैसे सवाल बढ़े, परतें खुलती गईं और आखिरकार वह व्यक्ति टूट गया तथा उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
तोते की वजह से जांच गई सही दिशा में
हालांकि अदालत में किसी जानवर की “गवाही” को कानूनी सबूत के रूप में सीधे स्वीकार नहीं किया जाता, लेकिन इस मामले में उसी तोते की वजह से जांच को सही दिशा मिली और सच सामने आ सका। यह घटना लोगों को चौंका देती है कि कई बार बेजुबान भी अनजाने में सच उजागर करने का जरिया बन जाते हैं, और अपराध कितना भी छिपा हो, कोई न कोई सुराग उसे सामने ले ही आता है।
Written By Toshi Shah