Haryana Agniveer Jobs: हरियाणा में अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने अलग-अलग विभागों के साथ बोर्ड और निगमों से उन पदों का ब्योरा मांगा है, जो पूर्व सैनिकों के लिए सीधी भर्ती में आरक्षित हैं।
सरकार का यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले पहले बैच के जवान आने वाले समय में चार साल की सेवा पूरी करके बाहर होंगे। उससे पहले ही राज्य में उनके लिए उपलब्ध रोजगार के विकल्पों और खाली पदों का हिसाब तैयार किया जा रहा है।
पूर्व सैनिकों के आरक्षण वाले पदों का जुटाया जा रहा ब्योरा
हरियाणा सरकार ने राज्य के मूल निवासी पूर्व सैनिकों को सीधी भर्ती में क्षैतिज आरक्षण देने का फैसला किया है। अब इसी व्यवस्था के तहत अलग-अलग सरकारी विभागों में उपलब्ध पदों की जानकारी जुटाई जा रही है।सामान्य प्रशासन विभाग की मानव संसाधन-2 शाखा ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। विभागों को तय प्रोफार्मा में आरक्षित पदों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
HPSC और HSSC से होगी कई पदों पर भर्ती
सरकार ने उन पदों की भी जानकारी मांगी है, जिनकी भर्ती हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के माध्यम से होनी है।विभागों को पद का नाम, पूर्व सैनिकों के लिए लागू आरक्षण और संभावित रिक्तियों की संख्या बतानी होगी। इसके साथ ही अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार भी पूरा विवरण देना होगा।
इन कैटेगरी की भी देनी होगी जानकारी
विभागों से UR, OSC, DSC, BC-A, BC-B और EWS कैटेगरी के तहत पूर्व सैनिकों के लिए उपलब्ध पदों की जानकारी मांगी गई है।इसके अलावा यह भी बताना होगा कि संबंधित पदों पर भर्ती किस महीने में प्रस्तावित है। इससे सरकार को आगे की भर्ती प्रक्रिया की योजना बनाने में आसानी होगी।यह जानकारी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों एवं मुख्य प्रशासकों से मांगी गई है।
26 अगस्त तक देनी होगी जानकारी
सरकार ने सभी संबंधित विभागों को 26 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे तक आरक्षित पदों का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके लिए निर्धारित ई-मेल के जरिए जानकारी भेजनी होगी।सरकार के इस कदम से संकेत मिलता है कि हरियाणा अग्निवीरों के पहले बैच के सेवा से बाहर होने से पहले ही उनके लिए रोजगार के विकल्प तैयार करना चाहता है। अब विभागों से मिलने वाले आंकड़ों के बाद यह तस्वीर साफ होगी कि अलग-अलग सरकारी संस्थानों में अग्निवीरों या पूर्व सैनिकों के लिए कितने पद उपलब्ध हो सकते हैं।