नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की तैयारी की। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंधों और सार्वजनिक परिवहन में बाधाओं को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में ‘अघोषित आपातकाल’ जैसे हालात हैं। वहीं, विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांगों को राष्ट्रपति के सामने रखने की बात कही।
‘दिल्ली में अघोषित आपातकाल’, वेणुगोपाल का आरोप
केसी वेणुगोपाल ने संसद परिसर पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष अपना आंदोलन जारी रखेगा। उन्होंने सरकार पर विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके को लेकर सवाल उठाए। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में ट्रेनों और मेट्रो स्टेशनों पर रोक जैसी स्थितियां पैदा की जा रही हैं। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक देश में विरोध प्रदर्शन और जुलूस निकालना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन सरकार का रवैया तानाशाहीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आगे की रणनीति पर फैसला लेकर इसकी जानकारी देगा।
राष्ट्रपति मुर्मू के सामने अपनी बात रखेगा विपक्ष
विपक्षी गठबंधन INDIA के सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का अनुरोध किया था। विपक्ष का कहना है कि वह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी अपनी चिंताओं को राष्ट्रपति के सामने रखना चाहता है।
वेणुगोपाल के मुताबिक, विपक्ष ने 2 अक्टूबर को पहली बार मुलाकात के लिए पत्र भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन की ओर से प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे गए। विपक्ष ने 5 अक्टूबर को नामों के साथ दोबारा अनुरोध भेजा था। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। शुक्रवार को राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई।
चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार प्रदर्शन
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन कई दिनों से जारी है। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध तेज किया है। गुरुवार को भी INDIA गठबंधन के नेताओं ने महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट पर प्रदर्शन किया था। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल का बचाव किया है। आयोग के अनुसार, राजनीतिक दल निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुलाकात का समय मांग सकते हैं। SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों और चुनाव आयोग के रुख के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।