राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद दावा किया कि उन्हें उम्मीद थी कि राष्ट्रपति ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज करेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति ने उनकी बातों को नकारा नहीं, बल्कि सबूत पेश करने को कहा। विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा।
‘राष्ट्रपति ने हमारी बातों को खारिज नहीं किया’, राहुल गांधी का दावा
राष्ट्रपति भवन में मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने अपने ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की साजिश का आरोप लगाया है। राहुल के मुताबिक, राष्ट्रपति ने उनकी बातों पर न तो सवाल उठाया और न ही उन्हें खारिज किया। इसके बजाय उन्होंने चुनाव में कथित गड़बड़ी के सबूत मांगे। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के पास ऐसे सबूत हैं, जिन्हें राष्ट्रपति के सामने रखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हुए हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए। ये सभी राहुल गांधी और विपक्ष के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान से नहीं होती।
खड़गे और ममता बनर्जी ने मुलाकात के बारे में क्या बताया?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति को पिछले चार दिनों से चल रहे आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी शिकायतों की जानकारी दी। उनके मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी रखी।खड़गे ने बताया कि राष्ट्रपति ने मामले को ध्यान से सुना और संबंधित पक्षों से बातचीत कर उचित कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि विपक्ष कथित वोट चोरी से जुड़े सबूत जुटा रहा है और उन्हें राष्ट्रपति को सौंपेगा।
विपक्ष ने राष्ट्रपति के सामने रखीं चार बड़ी मांगें
INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने अपने ज्ञापन में चुनाव व्यवस्था और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।
- उनके खिलाफ कार्रवाई, गिरफ्तारी और मुकदमा चलाने की मांग।
- ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग।
- विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करने की मांग।
संसद से राष्ट्रपति भवन तक निकाला मार्च
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी सांसदों और नेताओं ने संसद से राष्ट्रपति भवन की ओर मार्च किया। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, ममता बनर्जी और केसी वेणुगोपाल समेत कई नेता शामिल हुए। विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने, मेट्रो स्टेशन बंद होने और इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद रणजीत रंजन, राजीव शुक्ला और रेणुका चौधरी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने के दौरान आम लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग पर अड़ा विपक्ष
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद विपक्षी नेताओं ने साफ किया कि वे सिर्फ जांच की मांग तक सीमित नहीं हैं। तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनके मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के साथ उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी होनी चाहिए। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास, राजद नेता मनोज झा और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की बात कही।