BRICS Summit 2026: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम पहुंचे। यहां पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक होगी। दिल्ली के भारत मंडपम में रूस के राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी की मुलाकात हुई। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात सुर्खियों में रही दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक चल रही है।

करीब दो हफ्ते पहले ही SCO समिट में दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।पीएम मोदी ने पुतिन को तमिल भाषा के प्राचीन ग्रंथ की प्रति भेंट की। BRICS Summit से पहले PM Modi और Putin के बीच डिफेंस,एनर्जी,ट्रेड समेत कई अहम मुद्दों पर हुई बातचीत। मुलाकात के दौरान पुतिन ने PM मोदी को 24वें India-Russia Annual Summit के लिए रूस आने का न्योता दिया।

क्या है तमिल ग्रंथ की खासियत?

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तमिल ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' (तमिल कुरल) का रूसी अनुवाद भेंट में दिया। भारत मंडपम में चल रही द्विपक्षीय बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच औपचारिक मुलाकात में पीएम मोदी ने उन्हें उपहार दिया। इस कालजयी और महान ग्रंथ की रचना प्राचीन तमिल संत, कवि और दार्शनिक थिरुवल्लुवर ने की थी। तिरुक्कुरल मुख्य रूप से नैतिकता, सदाचार, राजनीति, अर्थशास्त्र और व्यावहारिक जीवन के सिद्धांतों पर आधारित दोहों का एक समृद्ध संग्रह है। इस ऐतिहासिक पुस्तक का रूसी अनुवाद भेंट करना भारत और रूस के बीच गहरे सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों को पेश करता है।

पुतिन की स्पीच सुन लोगों ने बजाई गर्मजोशी से तालियां


ब्रिक्स (BRICS) बिज़नेस फ़ोरम के लीडर्स सेशन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जब बोलना शुरु किया। तो कई अन्य देशों के बड़े लीडर उनकी स्पीच को ध्यान से सुन रहे थे। पुतिन ने कहा, "अभी दुनिया में गहरे और बुनियादी बदलाव हो रहे हैं। इसकी वजह यह है कि जो देश 20वीं सदी के दूसरे हिस्से में आर्थिक विकास में सबसे आगे थे।

क्यों बोले पुतिन कि जब मैं पुराने कहता हूं तो...

पुतिन ने यह भी कहा कि, उनकी जगह अब विकास के नए इंजन ले रहे हैं। जब मैं 'पुराने' कहता हूं, तो हम सभी समझते हैं कि हम किस बारे में बात कर रहे हैं। इन तथाकथित पुराने नेताओं के पास अभी भी बहुत मज़बूत पक्ष और अच्छी तरह से विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी और वैज्ञानिक फ़ायदे, वैज्ञानिक स्कूल आदि मौजूद हैं। चीज़ों का स्वभाव ऐसा है मानवता और अर्थव्यवस्था का स्वभाव ऐसा है कि दुनिया हमेशा बदलती रहती है।

पुतिन ने कहा पिछले 5 सालों में, दुनिया की GDP का 40% से ज़्यादा हिस्सा ब्रिक्स देशों ने पैदा किया है, जबकि तथाकथित G7 - यानी 'ग्रेट 7' का योगदान सिर्फ़ 29% रहा है। इसी दौरान दुनिया की इकॉनमी में हुई ग्रोथ की बात करें, तो हम देखते हैं कि उस ग्रोथ का आधे से ज़्यादा हिस्सा ब्रिक्स का रहा है, जबकि G7 का हिस्सा सिर्फ़ 18% रहा है। ऐसा क्यों है? जवाब आसान है, दुनिया की आधी से ज़्यादा आबादी ब्रिक्स देशों में रहती है और इसीलिए, उनके पास बहुत ही गतिशील और जीवंत घरेलू बाज़ार हैं..."

BRICS के मंच से PM मोदी का बड़ा संदेश

ब्रिक्स बिज़नेस फोरम के लीडर्स सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ब्रिक्स बिज़नेस फोरम में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है। इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल मना रहे हैं। जब 2006 में यह ग्रुप शुरू हुआ था, तब इसमें सिर्फ़ चार देश थे। आज, ब्रिक्स के सदस्यों और पार्टनर देशों को मिलाकर हमारा परिवार 21 देशों का है। BRICS बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में

ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई

PM मोदी ने यह भी कहा कि, इस साल हम BRICS के 20 साल मना रहे हैं। 2006 में जब इस समूह की शुरुआत हुई थी तो इसमें सिर्फ 4 देश थे और आज BRICS एवं उनके पार्टनर को मिलाकर 21 देशों का हमारा परिवार है। आज BRICS के देश दुनिया की 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक ट्रेड को प्रदर्शित करते हैं। इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है।

ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र

वहीं BRICS देशों की कंबाइन GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है। BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र के तौर पर भी बन रहे हैं। हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएँ आकार ले रही हैं, जिनमें ज़मीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं। ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ़्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ़ तौर पर दिखाई देती हैं। भारत में आयोजित यह फ़ोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम है।

पीएम मोदी ने किया 12 सालों का जिक्र


ब्रिक्स (BRICS) बिज़नेस फोरम के लीडर्स सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय 'मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण।' पिछले 12 वर्षों में, भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार बनाया है। मजबूती (resilience) के मामले में, भारत ने ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक के क्षेत्रों में सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है।

पीएम मोदी बोले 12 सालों में दिखा मजबूती का नतीजा

पीएम ने कहा कि, इसी मजबूती का नतीजा है कि आज वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत विकास और स्थिरता का भरोसा देता है। हम तेजी से अपनी सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का विस्तार कर रहे हैं। साथ ही, हम जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, महत्वपूर्ण खनिजों और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित कर रहे हैं। 

पीएम मोदी ने किया X पर पोस्ट

पुतिन से खास मुलाकात को लेकर पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा कि, 2 हफ़्ते से भी कम समय में दिल्ली में हमारी मुलाकात हुई। राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर खुशी हुई। आज की बैठक में व्यापारिक संबंधों को और मज़बूत करने पर बात की। इकोनॉमिक कोऑपरेशन प्रोग्राम 2030 को लागू करने पर चर्चा हुई। इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, रक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई। BRICS की अध्यक्षता के दौरान भारत की कोशिशें हमारी दुनिया की भलाई को आगे बढ़ाने पर केंद्रित थीं।


5 पॉइंट में पीएम मोदी और पुतिन की बैठक की बड़ी बातें:

1. दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल गतिशीलता और लोगों के बीच आपसी संबंधों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।

2. पीएम मोदी ने रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी INNOPROM India का स्वागत किया और व्यापार और औद्योगिक संबंधों को और बढ़ाने में इसके महत्व पर जोर दिया।

3. उन्होंने आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपना नजरिया रखा। इसमें वेस्ट एशिया और ब्लैक सी इलाके में संघर्ष शामिल हैं। पीएम मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि बातचीत और कूटनीति ही संघर्षों को सुलझाने का सही तरीका है।

4. दोनों नेता दोनों देशों के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को और मजबूत करने के प्रयासों में लगे रहने पर सहमत हुए।

5. राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया।

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