नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बैठक के बाद की गई टिप्पणियों की आलोचना की और उन पर संवैधानिक पदों का अनादर करने का आरोप लगाया।
किसी भी संवैधानिक पद का सम्मान नहीं करते राहुल
मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर "अहंकार, अपमानजनक व्यवहार और शिष्टाचार की कमी" दिखाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि उनमें भारत के नागरिक और विपक्ष के नेता के तौर पर कानून और अपने संवैधानिक कर्तव्यों की समझ की कमी है। उन्होंने कहा, "यह शर्म की बात है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को किसी भी संवैधानिक पद का सम्मान नहीं है। पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि "वह भारतीय लोकतंत्र पर एक दाग हैं।"
राहुल ने नहीं दिया कोई डेटा, तथ्य, आंकड़े या सबूत
जब भारत की राष्ट्रपति से समय मांगा जाता है, तो वह तुरंत और शालीनता से समय देती हैं। अगर राहुल गांधी की झूठी बातों और आरोपों में कोई दम होता, तो उनमें यह शिष्टाचार होता और यह उनका कर्तव्य भी था कि वे अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत या प्रमाण साथ ले जाते। जब उन्होंने अपना ज्ञापन सौंपा, तो जाहिर है कि उनके झूठी आरोपों के साथ कोई डेटा, तथ्य, आंकड़े या सबूत नहीं थे।
गोयल ने राहुल के अपमानजनक भाषा की आलोचना की
गोयल ने कहा, "राहुल गांधी उस बैठक से बाहर आए और मुझे नहीं पता कि किस समझ के आधार पर वे दावा कर रहे हैं कि राष्ट्रपति ने उनके आरोपों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद उन्होंने सबूत मांगने पर राष्ट्रपति की बहुत अपमानजनक भाषा में आलोचना की, मानो उनकी कही हर बात को परम सत्य मान लिया जाना चाहिए।"