बेंगलुरु से लखनऊ जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विमान के टॉयलेट में हाईजैकिंग की धमकी वाला एक हस्तलिखित नोट मिला। धमकी की जानकारी मिलते ही पायलट ने एहतियातन विमान को वापस बेंगलुरु एयरपोर्ट लौटाने का फैसला किया। इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और विमान की गहन तलाशी ली गई। हालांकि, जांच में धमकी फर्जी निकली और सभी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद विमान ने दोबारा लखनऊ के लिए उड़ान भरी।
उड़ान के दौरान मिला हाईजैकिंग का धमकी भरा नोट
जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6E451 शनिवार 7 नवंबर की शाम करीब 5:50 बजे बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। विमान में 178 यात्री सवार थे। उड़ान भरने के करीब 30 मिनट बाद एक यात्री को विमान के टॉयलेट में एक हस्तलिखित नोट मिला।
इस नोट में लिखा था कि विमान को ठीक शाम 6:30 बजे हाईजैक कर लिया जाएगा। यात्री ने तुरंत इसकी जानकारी केबिन क्रू को दी। इसके बाद क्रू ने पायलट को अलर्ट किया और पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचना दी। लखनऊ के लिए उड़ान भरने के महज 30 मिनट बाद ही पायलटों को एक लेटर मिला।
जिसमें 178 यात्रियों को ले जा रही इंडिगो की फ्लाइट को हाईजैक करने की धमकी दी गई थी, जिसके बाद वे विमान को बेंगलुरु वापस लौट आए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, विमान के शौचालय में मिले कागज के टुकड़े पर यह संदेश लिखा था: ‘इस विमान का ठीक 6:30 बजे अपहरण होने वाला है। इसे नजरअंदाज करोगे तो अंजाम भुगतोगे।’
90 मिनट तक चली विमान की तलाशी
धमकी की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को वापस बेंगलुरु ले जाने का फैसला किया। विमान के एयरपोर्ट पर उतरते ही सभी 178 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की करीब 90 मिनट तक गहन तलाशी ली। इस दौरान एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई और यात्रियों से भी पूछताछ की गई। जांच के बाद हाईजैकिंग की धमकी को फर्जी घोषित कर दिया गया।