दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। वहीं, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, जबकि तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

मानसून की वापसी के बीच क्यों बिगड़ रहा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है। जम्मू के ऊपर निचले वायुमंडलीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैला एक ट्रफ और दक्षिणी राजस्थान के मध्य हिस्से में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

इन 22 राज्यों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी

IMD के अलर्ट के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, केरल, असम और अरुणाचल प्रदेश में मौसम खराब होने की आशंका है।

दिल्ली में बारिश और आंधी

राजधानी दिल्ली में 15 अक्टूबर को बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है। हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है, जबकि कुछ परिस्थितियों में यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 15 अक्टूबर को आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है। मेरठ, अलीगढ़, बिजनौर, जौनपुर, मऊ, देवरिया, बहराइच, मथुरा, गाजियाबाद और कानपुर में मौसम खराब रह सकता है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

राजस्थान में इन जिलों पर मौसम की मार

राजस्थान के बीकानेर, पाली, सीकर, टोंक, झुंझुनूं, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और कोटा में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी राजस्थान में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। जयपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

मध्य प्रदेश में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

मध्य प्रदेश के झाबुआ, देवास, उज्जैन, श्योपुर, मुरैना, सतना, सीधी, अलीराजपुर और पन्ना समेत कई इलाकों में बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

उत्तराखंड में भारी ओलावृष्टि गिरने का खतरा

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर, रुद्रप्रयाग और नैनीताल में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ बिजली कड़कने की आशंका भी है। हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। देहरादून में अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में बिजली गिरने की आशंका

हिमाचल प्रदेश के ऊना, सोलन, किन्नौर, कुल्लू, बिलासपुर और मंडी समेत कई इलाकों में बारिश और आंधी का अलर्ट है। मौसम खराब होने के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की जरूरत है। मनाली में अधिकतम तापमान करीब 2 डिग्री और न्यूनतम तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

जम्मू-कश्मीर में इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना

जम्मू-कश्मीर के डोडा, सांबा, कठुआ, राजौरी, बारामूला और पुंछ में 15 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

खराब मौसम में रहें सतर्क

भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को मौसम विभाग की ताजा सलाह पर नजर रखने की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित रास्तों से बचें और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों। समुद्र में खराब मौसम की चेतावनी के बीच मछुआरे समुद्र में जाने से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।