गांधीनगर: गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। एक न्यूज एजेंसी से खास बातचीत में वाघेला ने कहा कि ज्ञानेश कुमार असली मुद्दा नहीं हैं, बल्कि असली मुद्दा भारतीय जनता पार्टी (BJP) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।

वाघेला ने कहा कि अगर किसी तरह की जवाबदेही तय होती है तो वह देश के प्रधानमंत्री तक जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS से जुड़े रहे अधिकारी संगठन के प्रति अपनी निष्ठा को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, ये वाघेला के राजनीतिक आरोप हैं, जिनका स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।

‘ज्ञानेश कुमार की जगह कोई और आएगा तो भी...’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बहस सिर्फ ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक, अगर ज्ञानेश कुमार की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को भी नियुक्त किया जाता है तो वह भी उसी व्यवस्था से आएगा।

वाघेला ने कहा कि उनका मुद्दा BJP को लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता से हटाने और राजनीतिक बदलाव लाने का है। उन्होंने कहा कि एक-दो राज्यों में सरकार बदलना जरूरी है ताकि वैकल्पिक राजनीतिक नेतृत्व के साथ संवाद की स्थिति बन सके।

न्यायपालिका को लेकर भी लगाए आरोप

वाघेला ने न्यायपालिका में नियुक्तियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नियुक्तियों में वैचारिक विचारधारा को महत्व दिया गया और आरोप लगाया कि कुछ पद तब तक खाली रखे जाते हैं जब तक कथित तौर पर संबंधित विचारधारा से जुड़े व्यक्ति उपलब्ध न हों। इन आरोपों पर भी वाघेला ने कोई विशिष्ट दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

कांग्रेस के साथ गठबंधन पर क्या बोले?

वाघेला ने कहा कि अगर BJP के खिलाफ कांग्रेस के साथ गठबंधन होता है तो यह अच्छी बात होगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कांग्रेस नेतृत्व से उनकी बातचीत हुई है और आने वाले दिनों में आगे का रास्ता निकाला जाएगा।

उन्होंने कहा कि गुजरात में BJP करीब तीन दशक से सत्ता में है और उसे हटाने के लिए राजनीतिक स्तर पर लगातार प्रयास करने होंगे।

आरक्षण पर सफाई

आरक्षण को लेकर अपने हालिया बयान पर भी वाघेला ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से समझा गया और उनकी बात को उसके ‘letter and spirit’ में देखा जाना चाहिए।

वाघेला ने खुद को महिलाओं, OBC, SC और ST के लिए आरक्षण का समर्थक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और गुजरात की BJP सरकार आरक्षण के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर आदिवासियों, अनुसूचित जनजातियों और किसानों की स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी।

BJP पर चंदे को लेकर भी लगाया आरोप

वाघेला ने BJP के चुनावी चंदे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि BJP को कथित तौर पर गौ-वध से जुड़े कारोबारियों से चंदा मिलता है और इसी पैसे से पार्टी का प्रचार होता है।

उन्होंने BJP की गाय को लेकर राजनीतिक बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए मतदाताओं से इस मुद्दे पर सवाल करने की अपील की। ये भी वाघेला द्वारा लगाए गए आरोप हैं और खबर में इन्हें तथ्य के रूप में नहीं माना गया है।

‘गांधीनगर में कांग्रेस की जीत की संभावना’

गांधीनगर नगर निगम के गठन का जिक्र करते हुए वाघेला ने कहा कि शुरुआती बोर्ड कांग्रेस का था और इस बार भी कांग्रेस की जीत की संभावना है। उन्होंने BJP पर भ्रष्टाचार, महंगाई और कथित दबंगई को बढ़ावा देने के आरोप लगाए।

वाघेला ने कहा कि लोग सरकार बदलने की इच्छा के साथ मतदान करते हैं और BJP को हटाने के लिए एक वैकल्पिक राजनीतिक व्यवस्था की जरूरत है।

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