केरल: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को CMRL-Exalogic मामले में विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और उनके दामाद पी. ए. मोहम्मद रियास समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह आदेश भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में दिया है। इस फैसले के बाद केरल की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला कोच्चि की कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) और पिनराई विजयन की बेटी टी. वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। आरोप है कि साल 2017 से 2019 के बीच CMRL ने एक्सालॉजिक को करीब 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। जांच एजेंसियों ने इन भुगतानों को लेकर सवाल उठाए हैं कि क्या इसके बदले वास्तविक सेवाएं दी गई थीं।

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने केरल पुलिस को जानकारी और जांच से जुड़ी सामग्री दी थी। इसके आधार पर भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन की एकल पीठ ने अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता के. एम. शाहजहां की याचिका पर सुनवाई करते हुए FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। याचिका में राज्य सरकार के उस फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें सीधे FIR दर्ज करने के बजाय मामले की प्रारंभिक जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया था।

अदालत ने प्रारंभिक जांच के लिए गठित SIT से जुड़े आदेश को भी रद्द कर दिया। कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को मामले में FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई करनी होगी।

राजनीतिक असर पर नजर

इस फैसले से केरल की राजनीति में यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, FIR दर्ज करने का आदेश आरोपों के साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। पिनराई विजयन, उनकी बेटी और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।