Rekha Gupta: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रविवार को हरेवली गौशाला पहुंचीं। यहां उन्होंने परिवार के साथ पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान और गौ पूजन किया। मुख्यमंत्री ने गौशाला में गायों की देखभाल और उनके लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि गौशाला में उन्होंने हवन, पूजा, गौ पूजन, गौदान और चारा सेवा की। इस दौरान उन्होंने विशेष देखभाल में रखी गई गायों के बीच समय बिताया और उनकी सेवा से जुड़ी व्यवस्थाओं को करीब से देखा।
गौशाला में नए भवन और सोलर प्लांट की शुरुआत
हरेवली गौशाला में मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही यहां 45 किलोवाट क्षमता वाले सोलर एनर्जी प्लांट की भी शुरुआत की गई।मुख्यमंत्री ने इसे स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक कदम बताया। उन्होंने कहा कि सोलर प्लांट के जरिए गौशाला को क्लीन एनर्जी से जोड़ने की पहल की गई है।रेखा गुप्ता ने अपने बयान में गौ सेवा और गौ संरक्षण को भारतीय सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ते हुए इसके महत्व पर भी बात की।
गायों की सेवा को बताया सांस्कृतिक जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ सेवा, गौ पूजा और गौदान भारतीय परंपरा से जुड़े महत्वपूर्ण पक्ष हैं। उन्होंने कहा कि गौ सेवा और संरक्षण की इस परंपरा को आगे बढ़ाना सांस्कृतिक जिम्मेदारी है।गौशाला के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां गायों की देखभाल के इंतजामों को भी देखा। कार्यक्रम में उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।
ओखला लैंडफिल को लेकर भी दिया था बड़ा अपडेट
इससे एक दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ओखला लैंडफिल साइट का निरीक्षण किया था। यहां उन्होंने कचरे के निस्तारण के काम की प्रगति का जायजा लिया।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि दिल्ली के तीनों लैंडफिल साइटों पर पिछले डेढ़ साल में करीब 100 एकड़ जमीन खाली कराई गई है। उन्होंने कहा कि खाली कराई गई जमीन के एक बड़े हिस्से को हरित क्षेत्र में भी बदला गया है।
कचरे का लगभग पूरा हिस्सा प्रोसेस
रेखा गुप्ता के मुताबिक, जनवरी 2025 से पहले जमा हुए कचरे का लगभग पूरा हिस्सा प्रोसेस किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कचरा मुख्य रूप से जनवरी 2025 के बाद पैदा हुआ ताजा कचरा है और इसे भी लगातार प्रोसेस किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में रोजाना करीब 3,000 से 4,000 मीट्रिक टन ताजा कचरा पहुंचता है। सरकार के सामने चुनौती पुराने कचरे को हटाने के साथ-साथ रोज आने वाले नए कचरे को तुरंत प्रोसेस करने की भी है।