लद्दाख में लोकतांत्रिक व्यवस्था की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की ओर से प्रस्तावित पदयात्रा को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का समर्थन मिला है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वांगचुक के वीडियो को री-पोस्ट करते हुए लोगों से लद्दाख के साथ खड़े होने की अपील की है।
वांगचुक ने एक्स साझा किया पोस्ट
दरअसल, सोनम वांगचुक ने एक्स पर एक वीडियो साझा कर 19 सितंबर से प्रस्तावित पदयात्रा के लिए देशभर के लोगों, खासकर कॉकरोचों से समर्थन मांगा था। अपने वीडियो में उन्होंने लद्दाख के भविष्य और वहां लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थापना को लेकर केंद्र सरकार और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत का जिक्र किया।
Stand with Ladakh! https://t.co/6buspllZtf
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 12, 2026
वांगचुक ने कही ये बात
वांगचुक के मुताबिक, करीब चार महीने के अंतराल के बाद हुई बैठक में भी लद्दाख के लिए प्रस्तावित लोकतांत्रिक ढांचे को लेकर सरकार की ओर से कोई लिखित मसौदा पेश नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में कई सवालों और मुद्दों की सूची प्रतिनिधिमंडल को दी गई और इन पर अगली बैठक में चर्चा करने की बात कही गई।
लोकतांत्रिक ढांचे पर बैठक बेनतीजा
उन्होंने दावा किया कि विधानसभा के गठन, सीधे परिसीमन और चुनाव जैसे मुद्दों पर पहले भी बातचीत हो चुकी है। ऐसे में हालिया बैठक में इन विषयों पर कोई खास नई प्रगति देखने को नहीं मिली।
जल्द विधानसभा गठन की मांग
सोनम वांगचुक ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की सबसे अहम मांग लद्दाख में जल्द से जल्द लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई विधानसभा का गठन करना है। उनका कहना है कि इसके लिए प्रस्ताव को संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में लाया जाना चाहिए, ताकि चुनाव कराने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
एलजी और प्रशासन के फैसलों पर आपत्ति
उन्होंने लद्दाख में मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। वांगचुक का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और उपराज्यपाल मिलकर क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले ले रहे हैं। उनके मुताबिक, यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थापना से पहले ऐसे बड़े फैसले होते रहे तो बाद में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्व कम हो सकता है।
लोकतांत्रिक ढांचा बनने तक बड़े फैसलों पर रोक की मांग
वांगचुक ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से यह भरोसा देने की मांग की थी कि जब तक लद्दाख में लोकतांत्रिक ढांचा स्थापित नहीं हो जाता, तब तक केंद्र शासित प्रदेश में ऐसे बड़े फैसले न लिए जाएं जिनसे क्षेत्र के स्वरूप में व्यापक बदलाव हो।
19 से 24 सितंबर तक पदयात्रा
सोनम वांगचुक के अनुसार, 19 सितंबर से 24 सितंबर तक लद्दाख में एक बड़ी पदयात्रा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अगले एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों को लेकर ठोस आश्वासन देती है, तो पदयात्रा को शहीदों की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
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सरकार के जवाब पर टिकी पदयात्रा की दिशा
वहीं, सरकार की ओर से कोई आश्वासन नहीं मिलने की स्थिति में इस यात्रा को प्रदर्शन का रूप देने की बात कही गई है। वांगचुक ने कहा कि उनकी मांग लद्दाख के साथ न्याय किए जाने की है और इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों के समर्थन की आवश्यकता है। इसी अपील के बीच अभिजीत दीपके ने वांगचुक के वीडियो को री-पोस्ट कर अपना समर्थन जाहिर किया और लोगों से लद्दाख के साथ खड़े होने की अपील की।